सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) में तीन दिनाें से ‘‘अवांछनीय घटनाएं’’ सामने आयी हैं। छात्र संगठनों के दो गुटों में हंगामा जारी है। भाजपा इस मामले से अपने आपको किनारा कर लिया है और साफ कहा कि भाजपा का अपना कोई छात्र संगठन नहीं है। अब राज्य के वरिष्ठ मंत्री दिलीप घोष का जेयू मामले पर बड़ा बयान आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में कुछ समूह शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि राज्य में परिवर्तन हुआ है, काफी कुछ होगा, 6 महीने इंतजार कीजिए। इस तरह के उलटी पलटी हरकत और देश विरोधी कार्य, यह सब नहीं चल सकता है। किसी भी शिक्षण संस्थान में ऐसी चीजों की अनुमति नहीं होनी चाहिए। राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालय के कुलपति को परिसर में जारी इस तरह की गतिविधियों की जिम्मेदारी लेनी होगी। जेयू परिसर में आपत्तिजनक दीवार लेखन से लेकर स्लोगन तक इसमें शामिल हैं। इस मामले में मंत्री ने कहा कि ऐसा करने वालों का टीएमसी ने प्रतिवाद भी नहीं किया था बल्कि वह ऐसे लोगों को संरक्षण देती थी। हमलोगों ने उस दिन प्रतिवाद किया था। फिर से देश विरोधी घटना घटती है तो सर्जिकल स्ट्राइक होगा। उन्होंने पत्रकारों से कहा, कुछ समूह सक्रिय रहते हैं और अक्सर राष्ट्र-विरोधी नारे लगाते हैं और ऐसी गतिविधियों में शामिल होते हैं। पूर्व में राज्यपाल और पूर्व मंत्री बाबुल सुप्रियो के साथ भी परिसर में बदसलूकी की गई थी। उन्होंने कहा कि ‘‘कम से कम विश्वविद्यालय के अंदर ऐसी राष्ट्र-विरोधी और समाज-विरोधी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसलिए इस तरह की गतिविधियों को रोका जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति में हमेशा से तनाव रहा है और पुलिस को यह पता लगाना होगा कि हिंसा के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
क्या हुआ था जेयू में : जेयू में एबीवीपी और वामपंथी झुकाव वाले छात्र समूहों के बीच झड़प हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर परिसर में बाहरी लोगों को बुलाने का आरोप लगाया। इस हिंसा में कई छात्र घायल हो गए। इसके अलावा दक्षिण कोलकाता में स्थित विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में कई जगहों पर आगजनी की भी खबर मिली है। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह टकराव बुधवार को ‘फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स यूनियन (एफईटीएसयू) की एक बैठक से शुरू हुआ और देर रात तक जारी रहा। कुलपति चिरंजीव भट्टाचार्य ने इसे ‘‘अवांछनीय घटना’’ बताया और कहा कि इसकी जांच के लिए एक समिति बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शाम के बाद परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।