सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नवगठित जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर ब्रिगेड में सभा करना चाहते हैं। कबीर ने कहा कि उनका लक्ष्य ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाली प्रस्तावित रैली में 10 लाख लोगों को जुटाना है, ताकि बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में वर्णित घटना को चिह्नित किया जा सके। प्रस्तावित सभा को लेकर उन्होंने परेड ग्राउंड का दौरा किया। तृणमूल के निलंबित विधायक कबीर ने कहा कि वह रैली आयोजित करने के लिए अधिकारियों से अनुमति मांगेंगे, लेकिन उन्होंने कोई विशिष्ट तिथि घोषित नहीं की। यह विशाल रैली फरवरी के शुरू में प्रस्तावित है। कबीर की यात्रा के दौरान एक समूह ने 'वापस जाओ' के नारे लगाए और उन पर भारतीय जनता पार्टी का एजेंट होने का आरोप लगाया।
प्रस्तावित रैली में अपनी 'ताकत' से जवाब देंगे : हुमायूं कबीर
हुमायूं कबीर ने विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी 'डरी हुई' है और उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वह प्रस्तावित रैली में अपनी 'ताकत' से जवाब देंगे। मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की शैली में एक मस्जिद की आधारशिला रखने के बाद टीएमसी ने खुद को कबीर से अलग कर लिया था। अपने राजनीतिक इरादों को स्पष्ट करते हुए कबीर ने कहा कि उनका प्राथमिक उद्देश्य 2026 के विधानसभा चुनावों में 'भ्रष्ट' टीएमसी सरकार को सत्ता से हटाना और एक पारदर्शी प्रशासन स्थापित करना है। उन्होंने लोगों से राज्य में आवश्यक राजनीतिक परिवर्तन के रूप में वर्णित इस बदलाव का समर्थन करने की अपील की। कबीर ने दिग्गज नेता गनी खान चौधरी की विरासत का भी जिक्र किया और उस युग को याद किया जब ब्रिगेड परेड ग्राउंड में कांग्रेस की रैलियों में भारी भीड़ जुटती थी और उनका महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रभाव होता था।