फाइल फोटो  
बंगाल

दो से अधिक बच्चों को लेकर कानून लाने की तैयारी में स्वास्थ्य भवन

‘हम दो, हमारे दो’ पर जोर

मधुर, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बंगाल में मातृ मृत्यु दर को कम करने और कम उम्र में गर्भधारण की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार परिवार नियोजन को लेकर सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य भवन दो से अधिक संतान के मामले को नियंत्रित करने के लिए कानून लाने पर विचार कर रहा है। स्वास्थ्य भवन में हाल ही में हुई मातृ मृत्यु को लेकर महत्वपूर्ण बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि राज्य में मातृ मृत्यु के पीछे कम उम्र में गर्भधारण और बार-बार गर्भधारण प्रमुख चिंताओं में शामिल हैं।

नाबालिगों के गर्भधारण पर भी चिंता

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बंगाल में 18 वर्ष की उम्र से पहले गर्भवती होने के मामले चिंता का विषय हैं। उन्होंने विशेष रूप से मुर्शिदाबाद जिले के सुती-1 नंबर ब्लॉक, सुती-2 नंबर ब्लॉक और शमशेरगंज क्षेत्रों में कम उम्र में गर्भधारण की घटनाओं की अधिकता का उल्लेख किया। स्वास्थ्य भवन सूत्रों के अनुसार कम उम्र में गर्भधारण और बार-बार गर्भधारण से मां और नवजात दोनों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसलिए परिवार नियोजन और गर्भनिरोधक उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

‘दो बच्चे के बाद सरकारी स्वास्थ्य केंद्र आएं’

स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील की कि परिवार में दो बच्चे होने के बाद सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से संपर्क करें। सरकार की ओर से वहां मुफ्त गर्भनिरोधक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उद्देश्य है कि अनचाहे और बार-बार होने वाले गर्भधारण को रोका जा सके तथा महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले जोखिम को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि कम उम्र में गर्भधारण के मामले में राज्य की स्थिति चिंताजनक है। मातृ स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए परिवार नियोजन, जागरूकता और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच जरूरी है।

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