सन्मार्ग संवाददाता
गंगासागर : कपिल मुनि मंदिर के महंत ज्ञान दास जी महाराज के उत्तराधिकारी संजय दास महाराज ने कहा है कि गंगासागर मेला राष्ट्रीय मेला घोषित होने के सभी मानकों को पूरी तरह पूरा करता है। यदि केंद्र सरकार इस दिशा में थोड़ी सी पहल करे तो गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से सागरद्वीप सहित पूरे पश्चिम बंगाल का व्यापक विकास होगा और क्षेत्र में हरियाली, पर्यटन तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।संजय दास महाराज ने बताया कि गुरुवार को मकर संक्रांति के अवसर पर दोपहर 1 बजकर 19 मिनट तक पूर्ण स्नान का शुभ मुहूर्त रहा। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने गंगासागर में पवित्र स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई और कपिल मुनि मंदिर में भगवान कपिल के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि गंगासागर का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि पौराणिक भी है, जिसका उल्लेख रामायण और महाभारत जैसे महान ग्रंथों में मिलता है।
प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को पत्र भेजे गए, अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई
उन्होंने कहा कि गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित कराने के संबंध में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को पत्र भेजे गए थे, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उनका कहना है कि राज्य सरकार और केंद्र दोनों स्तरों पर इस विषय को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। संजय दास महाराज ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा प्रस्तावित गंगासागर ब्रिज का समर्थन करते हुए कहा कि यदि यह पुल बन जाता है तो गंगासागर मेला और कपिल मुनि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि आज लोगों की आस्था दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और अब केवल बुजुर्ग ही नहीं बल्कि युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में गंगासागर पहुंच रहा है। सागरद्वीप में इतनी क्षमता है कि भविष्य में यहां महाकुंभ का आयोजन भी किया जा सकता है। वहीं, श्मशान में महिलाओं के सोने से जुड़ी घटना पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन को और अधिक मुस्तैद रहने की जरूरत है। हालांकि शिविरों में श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधा दी जा रही है, फिर भी ऐसी घटनाओं पर प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान बना रहे।