सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : जादवपुर की भाजपा विधायक सर्बरी मुखर्जी ने कहा कि लोगों के अलग-अलग वर्गों की ओर से जादवपुर विश्वविद्यालय का नाम बदलकर श्री अरविंद के नाम पर रखने की मांग की जा रही है। उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘हम विश्वविद्यालय का नाम बदलकर ‘ऋषि अरविंद विश्वविद्यालय’ करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग और राज्यपाल को बड़ी संख्या में लोगों के हस्ताक्षर वाली अर्जियां सौंपेंगे।’’ श्री अरविंद ने आध्यात्मिक दार्शनिक बनने से पहले आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी। वह 1906 में ‘बंगाल नेशनल कॉलेज’ के पहले प्राचार्य थे। यही संस्थान बाद में जादवपुर विश्वविद्यालय बना।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य राहुल सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय से नक्सलवाद और माओवाद को ‘खत्म’ कर दिया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष रहे सिन्हा ने विश्वविद्यालय के ‘कुछ गुमराह विद्यार्थियों’ से अपनी आदतें बदलने की अपील की। उन्होंने यह संकल्प लिया कि शिक्षण संस्थान में भारत-विरोधी तत्वों को मिलने वाले किसी भी तरह के समर्थन को खत्म किया जाएगा। सिन्हा ने कहा कि ‘‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जादवपुर विश्वविद्यालय में वंदे मातरम गाया जाए।’’ वह पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले अध्यक्ष हरिपद भारती के योगदान की याद में विश्वविद्यालय के त्रिगुणा सेन ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।