सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : आर्ट ऑफ लिविंग ने नमामि गंगे, कोलकाता नगर निगम तथा राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, पश्चिम बंगाल के सहयोग से कालीघाट मंदिर के निकट सदर घाट पर तीन दिवसीय आदि गंगा जनजागरण एवं स्वच्छता अभियान सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। अभियान का उद्देश्य आदि गंगा के पर्यावरणीय, ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा नागरिकों को इसके संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए प्रेरित करना था।
5 जून को अभियान का शुभारम्भ कोलकाता नगर निगम की आयुक्त श्रीमती स्मिता पांडेय ने किया।
उन्होंने कहा, “आदि गंगा के लिए किया जा रहा यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और कोलकाता के लिए विशेष महत्व रखता है। सामूहिक प्रयासों से हम आदि गंगा का पुनर्जीवन कर सकते हैं तथा लोगों को इस ऐतिहासिक जलमार्ग से पुनः जोड़ सकते हैं।”
तीनों दिनों के दौरान स्वयंसेवकों, युवाओं, स्थानीय नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों ने नदी तटों की सफाई की, लोगों को कचरा प्रबंधन एवं प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूक किया तथा नदी संरक्षण की शपथ दिलाई। अभियान में 230 से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया और 200 किलोग्राम से अधिक कचरा हटाया गया। साथ ही 50 से अधिक कूड़ेदान मंदिरों को उपलब्ध कराए गए तथा 100 से अधिक पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया।
समापन दिवस पर पश्चिम बंगाल सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री स्वपन दासगुप्ता, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. इंद्रनील खान तथा राज्य मंत्री श्रीमती पूर्णिमा चक्रवर्ती उपस्थित रहे।
श्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा, “आर्ट ऑफ लिविंग प्रत्येक परियोजना में ऊर्जा, उत्साह और समर्पण लेकर आता है। नमामि गंगे ने इस परियोजना में 600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है और आर्ट ऑफ लिविंग के प्रयास इसकी सफलता में महत्वपूर्ण रहे हैं। इस अभियान की निरंतरता और प्रभावशीलता को और बढ़ाने की आवश्यकता है।”
डॉ. इंद्रनील खान ने कहा, “आदि गंगा का सुनियोजित तरीके से पुनर्जीवन और स्वच्छता अत्यंत आवश्यक है ताकि लोग पुनः यहां नौकायन का आनंद ले सकें। सरकार और आर्ट ऑफ लिविंग के संयुक्त प्रयास पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं। यदि वाराणसी में नदी पुनर्जीवन संभव है, तो यहां भी यह अवश्य संभव है।”
अभियान के अंतर्गत भजन संध्या, जनजागरण कार्यक्रम तथा गंगा आरती का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सुंदरबन के गोसाबा क्षेत्र में 300 से अधिक मैंग्रोव पौधों का रोपण किया गया।
आर्ट ऑफ लिविंग के न्यासी श्री संदीप नोवलखा ने कहा, “कोलकाता की आदि गंगा मां की पवित्र धारा है। पीढ़ियों से उसने हमारी प्रार्थनाओं, आस्था और विरासत को संजोकर रखा है। आज उसे स्वच्छ और सुरक्षित रखना हमारा दायित्व है। आइए, हम सभी मिलकर उसकी पवित्रता को पुनर्स्थापित करें, उसकी विरासत की रक्षा करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखें। आदि गंगा को पवित्र रखें, स्वच्छ रखें।”