बंगाल

यूनिवर्सिटी स्टाफ ट्रांसफर और पारिश्रमिक बढ़ोतरी को मंजूरी

बंगाल कैबिनेट के बड़े फैसले

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के अंतर-विश्वविद्यालयीय तबादले के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से राज्य सरकार कानून में संशोधन कर रही है। नवान्न में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि आगामी 10 सितंबर को विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में ‘द वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटीज एंड कॉलेजेस (एडमिनिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पेश किया जाएगा।बिल के कानून बनने के बाद राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का आपसी तबादला संभव हो सकेगा। पुराने और अनुभवी विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों या प्रशासनिक कर्मचारियों के नए विश्वविद्यालयों में जाने से वहां बुनियादी ढांचे, शोध, शिक्षण और प्रशासनिक दक्षता के विकास में मदद मिलेगी। मानव संसाधनों के आदान-प्रदान के माध्यम से नए विश्वविद्यालयों के विकास को गति मिलेगी।

करीब 1 लाख लोगों को लाभ मिलेगा

कैबिनेट में विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों और संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया है। इससे करीब एक लाख लोगों को लाभ मिलेगा। सीएम ने कहा कि इस उद्देश्य के लिए राज्य सरकार पर हर साल 390 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा और इससे एक लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा। सीएम ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों, डिप्टी रेंजर से लेकर वन रक्षकों तक, के पारिश्रमिक में 1 अक्टूबर से 5,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।उन्होंने कहा कि करीब 1,500 वन स्वयंसेवकों के मानदेय में भी 2,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की जाएगी।पूर्व विधायकों के चिकित्सा भत्ते को भी 1 अगस्त से 6,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा के जो विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में नेताजी सेवा केंद्र शुरू कर चुके हैं, उन्हें इनके संचालन के लिए 30,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। सीएम ने हाल ही में विधायकों को निर्देश दिया था कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर इन जनसेवा केंद्रों की स्थापना करें। सीएम ने यह भी कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के 20,343 पैरा-शिक्षकों और ‘शिक्षा बंधुओं’ के पारिश्रमिक में 1 नवंबर से 5,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की जाएगी।

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