रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : गंगासागर मेला के सफल समापन के बाद गंगासागर के समुद्र तट पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व राज्य के बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने किया। मंत्री स्वयं झाड़ू हाथ में लेकर समुद्र तट की सफाई करते नजर आए और लोगों को स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर अरूप ने कहा कि ऐतिहासिक गंगासागर मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक एन्वायरमेंटल फ्रेंडली मेला है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह का पर्यावरण के प्रति जागरूक मेला दुनिया के किसी भी कोने में देखने को नहीं मिलता। मंत्री ने कहा कि गंगासागर मेला को सुव्यवस्थित और स्वच्छ रूप से संपन्न कराने में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का विशेष योगदान रहा है। उनके नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया गया कि मेले के दौरान अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
गंगासागर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने में 3000 सागर प्रहरियों की अहम भूमिका
मंत्री ने बताया कि मेले के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखने में लगभग 3000 सागर प्रहरियों की अहम भूमिका रही। उनकी सतत मेहनत के कारण पूरा मेला क्षेत्र साफ-सुथरा बना रहा। सफाई अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इस पहल का मूल मकसद समुद्र तट को उसकी प्राकृतिक अवस्था में वापस लाना है, ताकि समुद्री जीव-जंतुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और पर्यावरण संतुलन बना रहे। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष गंगासागर मेले में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी। इस बार करीब 1.30 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगासागर में पुण्य स्नान किया, जिससे सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए। इससे स्पष्ट होता है कि देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों के बीच गंगासागर को लेकर आस्था और आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। गंगासागर मेला कमेटी के चेयरमैन सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि मेला को सफल बनाने में सभी विभागों का समन्वित योगदान रहा, जिसके कारण मेला पूरी तरह से सफल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंत्री सुजीत बोस, मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती, मंत्री बंकिम चंद्र हाजरा, मंत्री बेचाराम मन्ना, मंत्री पुलक रॉय, मथुरापुर के सांसद बापी हालदार सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।