सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कालियागंज की घटना पर मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने आराेप लगाया कि यहां चुनाव रद्द कराने के लिए एक गेम प्लान चल रहा है। हमारी मुख्यमंत्री काफी समय से इस तरह की साजिशों को लेकर चेतावनी देती आ रही थीं। मुख्यमंत्री और तृणमूल कल की घटना की कड़ी निंदा करती हैं। जिस तरह न्यायिक अधिकारियों को परेशान किया गया और हिंसा का सामना करना पड़ा, वह हमारे लिए स्वीकार्य नहीं है। हम यह भी स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि तृणमूल कांग्रेस किसी भी तरह से इसमें शामिल नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची ने भी कहा कि जिनके पास कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी थी, उन्हें और सतर्क होना चाहिए था खासकर जब उन्हें पता था कि अदालत के निर्देश पर न्यायाधीश उन जगहों पर जा रहे हैं।
चंद्रिमा ने कहा, कानून-व्यवस्था अब मुख्यमंत्री के हाथ में नहीं है
चंद्रिमा ने कहा कि कानून-व्यवस्था अब मुख्यमंत्री के हाथ में नहीं है। यहां से 483 प्रशासनिक अधिकारियों को हटा दिया गया है, जबकि अन्य राज्यों में चुनाव के दौरान केवल 23 अधिकारियों को हटाया गया था। बंगाल के मामले में 21 गुना अधिक अधिकारियों को हटाया गया इसके पीछे क्या कारण है? मुख्यमंत्री पहले ही कह चुकी थीं कि नए अधिकारी शायद बंगाल की जनसंख्या संरचना या यहां के लोगों की जरूरतों को ठीक से नहीं समझ पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग अब कानून-व्यवस्था संभाल रहे हैं, उन्होंने इन घटनाओं के बारे में मुख्यमंत्री को कुछ भी नहीं बताया। सुप्रीम कोर्ट ने भी देखा है कि यह चुनाव आयोग की जिम्मेदारी थी। इसलिए यह आयोग की विफलता है और उसे इसे स्वीकार करना चाहिए। चंद्रिमा ने यह भी कहा कि भाजपा की धमकी के बाद हमारे एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। हमें विश्वास है कि जनता इन सबका उचित जवाब देगी।