मिदनापुर : अखिल भारतीय जनवादी युवा संगठन (एआईडीवाईओ) की ओर से जिलाधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से संगठन ने मांग की कि भाजपा शासित राज्यों में बांग्लाभाषी प्रवासी श्रमिकों को बांग्लादेशी बताकर उनका उत्पीड़न बंद किया जाए। संगठन के अनुसार, किसी भी राज्य में स्वतंत्र देश के नागरिक के रूप में काम करने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है, और केंद्र की भाजपा सरकार इस अधिकार का हनन कर रही है।
उसके साथ साथ राज्य में बेरोजगार युवाओं की समस्या को लेकर भी कड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया लगभग ठप्प है और जो हो भी रही है, उसमें भी घोर भ्रष्टाचार चल रहा है। वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराए बिना, सरकार शराब के लाइसेंस बांटकर युवाओं को गुमराह कर रही है, जिससे नैतिक पतन हो रहा है और समाज में असामाजिक गतिविधियों में वृद्धि हो रही है। आरोप है कि महिलाओं की सुरक्षा भी बाधित हो रही है। ज्ञापन से पहले मिदनापुर रेलवे स्टेशन से जुलूस निकाला गया जो शहर भर में घूमकर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पहुंचा और वहां पर विरोध प्रदर्शन किया गया। बाद में जिलाधिकारी को एक मांग पत्र अर्थात ज्ञापन भी सौंपा गया। इस कार्यक्रम में संगठन की पश्चिम बंगाल राज्य समिति की उपाध्यक्ष अनिंदिता जना, जिला अध्यक्ष आलोक पंडित, जिला सचिव शीर्षेंदु शासमल और अन्य नेता मौजूद थे। जिला अध्यक्ष आलोक पंडित ने कहा, युवाओं में रोज़गार की कमी के कारण समाज में असामाजिक गतिविधियों की प्रवृत्ति बढ़ रही है। युवा अपनी पारिवारिक ज़िम्मेदारियों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हमने इसके विरोध में आंदोलन शुरू किया है और सभी युवाओं से इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान कर रहे हैं।