सन्मार्ग संवाददाता
बीरभूम : सरकारी योजनाओं का लाभ पाने की उम्मीद में बीरभूम जिले के एक बैंक के कई ग्राहक साइबर ठगों के बड़े जाल में फंस गए हैं, जिससे उनके बैंक खाते खाली हो गए हैं। जानकारी के अनुसार एक प्रमुख राष्ट्रीयकृत बैंक के ग्राहकों को निशाना बनाकर की गई ठगी के अब तक कम से कम 12 मामले पुलिस के सामने आए हैं। पीड़ितों के खाते से 5,000 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक की भारी-भरकम राशि गायब हो चुकी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद जिला पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है और मामलों की जांच शुरू कर दी गई है।
ठगी का नया पैंतरा
जांचकर्ताओं का अनुमान है कि अपराधियों का मुख्य निशाना सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के लाभार्थी हैं। चूंकि उस राष्ट्रीयकृत बैंक के जरिए कई जनहित योजनाओं का पैसा और सरकारी सब्सिडी सीधे उपभोगकर्ताओं के खातों में भेजी जाती है, इसलिए ठग इसी बात का फायदा उठा रहे हैं। अपराधी ग्राहकों को फोन करके यह झांसा देते हैं कि ई-केवाईसी (E-KYC) पूरी न होने के कारण उनके खाते में सरकारी योजनाओं का पैसा नहीं आ रहा है। इसके बाद घर बैठे ही इस प्रक्रिया को पूरा करने का भरोसा दिलाकर विश्वास जीता जाता है।
कैसे बनाते हैं शिकार?
पुलिस के अनुसार, घबराहट और अज्ञानता का फायदा उठाकर ठग ग्राहकों के व्हाट्सएप या मैसेज इनबॉक्स में एक एपीके (APK) फाइल भेजते हैं। उस फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करते ही मोबाइल का पूरा नियंत्रण जालसाजों के पास चला जाता है। इसके बाद, फोन में मौजूद बैंकिंग विवरणों का दुरुपयोग कर खातों से पैसे ट्रांसफर कर लिए जाते हैं।विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी अंजान या संदिग्ध नंबर से आने वाले निर्देशों पर अपने फोन में कोई भी अनजान ऐप या एपीके फाइल डाउनलोड न करें। केवाईसी या बैंक से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए सीधे अपनी बैंक शाखा में जाएं या आधिकारिक सरकारी माध्यमों का ही सहारा लें। जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से आम जनता को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि इस तरह के साइबर अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।