गिरफ्तार भाजपा नेता को अदालत ले जाती पुलिस  
आसनसोल

तृणमूल कार्यकर्ता से मारपीट के आरोप में भाजपा नेता गिरफ्तार

काटवा में वायरल वीडियो के बाद हुई कार्रवाई

Gopal Kumar Singh

संजय, सन्मार्ग संवाददाता

​बर्दवान : काटवा में तृणमूल के एक कार्यकर्ता को घर से बाहर निकालकर उसके परिवार के सदस्यों के सामने बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है, जिसमें भाजपा के पूर्व नगर सचिव प्रसेनजीत मोदक का नाम है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और शिकायत के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग मिलकर अनिंद्य भास्कर उर्फ ट्यूबन को घर से बाहर घसीटकर पीट रहे हैं। पता चला है कि पीड़ित व्यक्ति एक नगरपालिका कर्मचारी भी है। वीडियो में पिटाई के साथ-साथ उसे पैर पकड़कर माफी मांगने के लिए मजबूर करते हुए भी देखा गया। उस समय उसकी वृद्ध मां, पत्नी और छोटा बच्चा वहीं मौजूद थे। परिवार के सदस्यों ने बार-बार उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मारपीट जारी रही। एक छोटे बच्चे के सामने उसके पिता को इस तरह बेरहमी से पीटे जाने की घटना से इलाके में भारी सनसनी फैल गई है।

​वीडियो में आरोपी प्रसेनजीत मोदक को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि पीड़ित ने अतीत में उन्हें गाली दी थी। साथ ही, किसी से लिए गए पैसे वापस करने की बात भी उनके द्वारा कही गई। हालांकि, पीड़ित परिवार ने पैसे लेने के आरोपों से साफ इनकार किया है।

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ गई। डर के कारण पीड़ित ने शुरुआत में शिकायत दर्ज कराने से परहेज किया, लेकिन पुलिस के आश्वासन के बाद आखिरकार उसने शिकायत दर्ज कराई। इसके तुरंत बाद काटवा थाने की पुलिस ने आरोपी प्रसेनजीत मोदक को गिरफ्तार कर लिया।

दूसरी ओर, आरोपी प्रसेनजीत मोदक का दावा है कि उन्हें एक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। भाजपा नेत्री सीमा भट्टाचार्य का कहना है कि पीड़ित व्यक्ति तृणमूल का एक अपराधी है और उसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हैं। वहीं, भाजपा के काटवा नगर अध्यक्ष सुमन देवनाथ का दावा है कि पीड़ित ने अतीत में भाजपा नेताओं के साथ मारपीट की थी। उनका यह भी कहना है कि प्रसेनजीत मोदक फिलहाल भाजपा से जुड़े नहीं हैं, हालांकि वह पहले नगरपालिका चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार रह चुके हैं।

​इस घटना को लेकर काटवा के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मची हुई है। हालांकि, वायरल वीडियो में सामने आए आरोपों और घटना के पूरे संदर्भ पर पुलिस की जांच ही अब सबसे अहम मानी जा रही है।

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