इम्तियाज, सन्मार्ग संवाददाता
दुर्गापुर : कांकसा में दुर्गा पूजा का आयोजन किसके हाथ में रहेगा, इसे लेकर सियासी खींचतान ने रणक्षेत्र का रूप ले लिया। वहीं पूजा कमेटी के गठन को लेकर कांकसा के विदबिहार दुबराजपुर कॉलोनी इलाके में तृणमूल और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर संघर्ष हुआ। इस घटना को लेकर इलाके में दिनभर तनाव बना रहा। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि तृणमूल संचालित पंचायत के उपप्रधान को निशाना बनाकर अंडे फेंके गए। वहीं भाजपा के मंडल अध्यक्ष के साथ बेरहमी से मारपीट का आरोप लगा। इसके बाद उपप्रधान के घर में तोड़फोड़ का आरोप भी भाजपा पर लगा है। हालात को काबू में करने के लिए कांकसा थाने की मलांदिघी फांड़ी पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
पुरानी कमेटी में नये सदस्यों को शामिल करने की बात पर हुआ विवाद - भाजपा
इस संदर्भ में स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके की पुरानी दुर्गा पूजा के संचालन को लेकर कुछ दिनों से अंदरूनी नाराजगी चल रही थी। भाजपा के मंडल अध्यक्ष सचिन विश्वास ने आरोप लगाया कि लंबे समय से चली आ रही परंपरागत दुर्गा पूजा की पुरानी कमेटी में इलाके के कुछ नए सदस्यों को शामिल करने की मांग की गई थी। सार्वजनिक पूजा के नाते सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। इसी जायज मांग को उठाते ही पुरानी कमेटी के साथ विवाद हुआ। उनका यह भी आरोप है कि नई मांग उठाते ही पुरानी कमेटी के सदस्यों ने तृणमूल के उपप्रधान गोपाल सरकार के साथ मिलकर उन पर हमला कर बेरहमी से पिटाई की है। विरोध को दबाने के लिए महिलाओं को आगे कर ढाल बनाने की कोशिश की गई। खबर फैलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया और इलाके में कई बार पलटवार की घटनाएं हुईं।
बेवजह तृणमूल समर्थकों को पीटने का आरोप
वहीं तृणमूल नेतृत्व ने भाजपा के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। तृणमूल समर्थकों के परिवारों का उल्टा आरोप है कि भाजपा के लोग ही उन पर बेवजह टूट पड़े और उनके परिवार के निर्दोष लड़कों को पकड़कर पीटा। पीड़ितों ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलते ही कांकसा थाना और मलानदिघी फांड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची, तो आक्रोशित लोगों ने पुलिस को घेरकर प्रदर्शन किया। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। दोबारा झड़प न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं पुलिस पूरे हालात पर नजर रखे हुए है।