मंत्री अग्निमित्रा पॉल  
आसनसोल

जीने की इच्छा ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत है : अग्निमित्रा पॉल

लक्ष्मी पूजा पर अग्निमित्रा पॉल का भावुक पोस्ट

Suraj Choudhary

सूरज, सन्मार्ग संवाददाता

आसनसोल : शहरी विकास मंत्री, आसनसोल दक्षिण विधायक और फैशन डिजाइनर अग्निमित्रा पॉल ने लक्ष्मी पूजा के अवसर पर सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है। अपने पोस्ट में उन्होंने उन असहाय महिलाओं और बच्चियों की कहानी बयां की है, जिन्हें उन्होंने अपने सामाजिक और राजनीतिक जीवन के दौरान करीब से देखा है। अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि मेरी देखी हुई लक्ष्मियां दिन, समय अब ठीक से याद नहीं, लेकिन मन की किताब में आज भी वे चेहरे उजले हैं।उन्होंने अपने डिजाइनर के तौर पर शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने समाज के हाशिए पर खड़ी लड़कियों, खासकर एसिड अटैक पीड़िताओं के साथ काम किया। उन्होंने लिखा कि उन लड़कियों ने ही उन्हें सिखाया कि जीने की इच्छा ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत है। अपने पोस्ट में उन्होंने सुंदरबन से कूचबिहार तक के अपने अनुभवों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बंगाल के कोने-कोने में घूमकर उन्होंने देखा कि कैसे लड़कियां हर दिन अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं। कहीं अभाव है तो कहीं उपेक्षा। बारुईपुर की नौ साल की बच्ची का जिक्र करते हुए अग्निमित्रा ने लिखा कि उस छोटी सी 'लक्ष्मी' की कहानी आज भी उनके मन को झकझोर देती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतनी छोटी बच्चियों के जीवन में इतना अंधेरा क्यों आता है। उन्होंने लक्ष्मी की नई परिभाषा देते हुए लिखा है कि मेरे लिए लक्ष्मी सिर्फ धन-संपदा की प्रतीक नहीं हैं। लक्ष्मी वो स्त्री है, जो अभाव में भी घर संभाल कर रखती है। वो लड़की है, जो अपमान के बाद भी सिर उठाकर खड़ी होती है। वो मां है, जो अपना दुख छिपाकर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाती है।

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