बर्नपुर : आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के हीरापुर थाना अंतर्गत करीम डंगाल मस्जिद के पास शनिवार सुबह हुई शूटआउट की घटना में मोहम्मद शरफुद्दीन की मौत हो गयी थी। इस घटना में पुलिस 12 घंटे से भी कम समय में हत्या की साजिश का खुलासा करने में कामयाब हुई है। पुलिस ने इस मामले में तीन अभियुक्त मोहम्मद सलाम, मोहम्मद सद्दाम एवं रविंद्र सिंह को गिरफ्तार कर पूरे मामले पर से पर्दा हटा दिया था। अभियुक्तों में मोहम्मद सलाम, मोहम्मद सद्दाम मृतक के भतीजे हैं जिन्हें पुलिस इस हत्याकांड का मास्टर माइंड मान रही है। पुलिस के अनुसार एक दुकान को लेकर हुए विवाद में मोहम्मद शरफुद्दीन की हत्या की घटना घटी है। पुलिस ने गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों को रविवार को अदालत में पेश कर उन्हें 7 दिनों की रिमांड पर लिया है। पुलिस ने अदालत को बताया कि शूटआउट की घटना की पूरी जानकारी, घटना को कैसे अंजाम दिया गया एवं इसमें और कौन-कौन शामिल हैं, सभी का पता लगाने के लिए अभियुक्तों को रिमांड पर लिया गया है। बता दें कि हीरापुर थाना इलाके के करीम डंगाल मस्जिद के पास शनिवार सुबह 5.30 से 5.45 के बीच अपराधी ने शूटआउट की घटना को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार अज्ञात बाइक पर सवार हथियार से लैस अपराधी ने नमाज पढ़ने जा रहे ग्रिल एवं हार्डवेयर दुकानदार मोहम्मद शरफूद्दीन पर फायरिंग कर दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद इस घटना की सूचना हीरापुर थाना को दी गई। हीरापुर थाना की पुलिस ने गहन जांच करते हुये 12 घंटे के अंदर तीनों अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।
अपराधी को कहां से मिला था पिस्तौल
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक मोहम्मद शरफुद्दीन के पास एक पिस्तौल पड़ा मिला था। प्राथमिक अनुमान है कि अपराधी ने उसे काफी नजदीक आकर गोली मारी थी। इस दौरान उसकी हत्यारे के साथ हाथापाई होने की संभावना जतायी जा रही है। पुलिस का अनुमान है कि इस दौरान उसने हत्यारे के हाथ में थमा पिस्तौल पकड़ लिया था। परिणाम स्वरूप हत्यारा पिस्तौल वहीं छोड़कर फरार हो गया। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद पिस्तौल कहां से लाया गया था और उसे हत्यारे को किसने उपलब्ध करवाया था। हथियार सप्लाई करने वाले का भी लिंक तलाशा जा रहा है।