आसनसोल : पूरे प्रांत में जब भाजपा की प्रचंड जीत के बाद कोलकाता में मंत्रिमंडल गठन का शपथ ग्रहण समारोह चल रहा था, तभी धादका बायपास मोड़ स्थित सर्विस रोड किनारे तथाकथित तृणमूल कर्मियों द्वारा भाजपा का कार्यालय निर्माण किया जा रहा था। इसकी भनक लगते ही आसनसोल उत्तर थाना की पुलिस ने वहां पहुंच कर कार्यालय निर्माण को रोक दिया। बहसबाजी के आरोप में एक युवक को पुलिस हिरासत में लेकर उसे कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया। सनद रहे कि 4 मई की शाम चुनाव नतीजे की घोषणा के बाद भाजपा की प्रचंड जीत को देखते हुए विभिन्न जगहों पर तृणमूल कार्यालय पर हमला व कब्जा करने का आरोप भाजपा पर लगने के बाद भाजपा नेताओं के कान खड़े हो गए। तृणमूल कार्यालयों पर हमला व तोड़फोड़ करने वाले का वीडियो देखने के बाद यह साफ हो गया कि ऐसा करने वाले सभी कर्मी भाजपा के नहीं बल्कि तृणमूल के हैं। भाजपा नेताओं ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि वह कार्रवाई करे। वहीं पुलिस ने तृणमूल कार्यालय पर तोड़फोड़ और हमला करने के आरोप में ताबड़तोड़ 200 से अधिक युवाओं को गिरफ्तार किया। इसके बाद इस तरह की हरकतें बंद हो गईं, लेकिन शपथ ग्रहण के मौके पर फिर से भाजपा कार्यालय निर्माण का मुद्दा सामने आ गया। भाजपा जिलाध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य, आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी आदि ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा था कि भाजपा कर्मियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे तृणमूल कार्यालय पर हमला व कब्जा आदि न करें। वहीं जिन कार्यालयों पर कब्जा किया गया था, उसे तृणमूल को वापस कर दिया गया है। 2-4 दिनों में यह मामला थमने के बाद अब फिर से इस तरह के मामले सामने आने लगे हैं। भाजपा नेताओं ने पुलिस को स्पष्ट कहा है कि वह कार्रवाई करे। इसके लिए पार्टी किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगी। यही कारण है कि धादका सर्विस रोड पर कार्यालय निर्माण को पुलिस ने रोक दिया।