सन्मार्ग संवाददाता
आसनसोल: आसनसोल नगर निगम के परिसीमन हेतु 11 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। जानकारी के अनुसार, यह समिति अपने स्तर से परिसीमन का कार्य तेजी से पूरा कर लिया है। जानकारों का मानना है कि आसनसोल उत्तर, आसनसोल दक्षिण, जामुड़िया एवं रानीगंज में वार्डों की संख्या बढ़ाई जानी है। प्रत्येक क्षेत्र में 6 से 8 वार्ड बढ़ सकते हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर 30 से 40 नए वार्ड बनने की संभावना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। उल्लेखनीय है कि वार्डों के पुनर्गठन का मुख्य आधार जनसंख्या को बनाया जा रहा है।
दावेदारों की बढ़ने लगी भीड़
आसनसोल नगर निगम चुनाव की तिथियों की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन टिकट के दावेदारों की हलचल अभी से शुरू हो गई है। एक ओर जहां वार्डों की संख्या बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर संभावित उम्मीदवारों की लंबी सूची भाजपा के लिए चुनौती खड़ी कर सकती है।
चुनाव समिति में किन्हें मिल सकती है जगह?
टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक विशेष समिति का गठन कर सकती है। इस समिति में जिलाध्यक्ष के अलावा स्थानीय विधायकों को भी शामिल किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही, राज्य स्तर से किसी वरिष्ठ नेता को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। फिलहाल इसे लेकर विभिन्न कयास लगाए जा रहे हैं।
कौन होगा मेयर पद का चेहरा?
आसनसोल नगर निगम चुनाव में मेयर पद का चेहरा कौन होगा, इसे लेकर चर्चा गर्म है। पार्टी किस नेता पर भरोसा जताकर उन्हें मेयर पद का दावेदार बनाएगी, यह देखने योग्य होगा। जानकारों के अनुसार, इस रेस में जिलाध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य, पूर्व पार्षद चैताली तिवारी या कोई पूर्व जिलाध्यक्ष शामिल हो सकते हैं, अथवा किसी नए चेहरे को भी आगे लाया जा सकता है। हालांकि, कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा यह चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को ही सामने रखकर लड़ेगी तथा चुनाव परिणामों के बाद ही मेयर पद के नाम का अंतिम निर्णय लिये जाने की संभावना है।