आसनसोल

बेलडांगा हिंसा मामले की एनआईए ने शुरू की जांच

केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश बाद NIA ने ली है जांच की जिम्मेदारी

मुर्शिदाबाद : सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) शनिवार से बेलडांगा हिंसक प्रदर्शन की घटना की जांच अपने हाथ में ले लिया। शनिवार सुबह NIA की एक टीम बेलडांगा थाना पहुंची और जांच में पहले से शामिल अधिकारियों से बात की और उनसे दस्तावेज मांगे। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों का अनुपालन करते हुए केंद्रीय एजेंसी ने नए सिरे से प्राथमिकी दर्ज की है। एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि जांच का मुख्य उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि क्या हिंसा किसी संगठित साजिश, फर्जी या भ्रामक जानकारी के प्रसार, या सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने के लिए जानबूझकर की गई उकसावे की कार्रवाई का परिणाम तो नहीं थी।

क्या है पूरा मामला

उल्लेखनीय है कि झारखंड में बेलडांगा के एक प्रवासी मजदूर की मौत के विरोध में 16 जनवरी को नेशनल हाईवे नंबर 12 और सियालदह-लालगोला सेक्शन को जाम कर दिया गया था। वह हिंसक प्रदर्शन 6 घंटे से ज्यादा समय तक चला था। जिला अधिकारी नितिन सिंघानिया और पुलिस सुपरिटेंडेंट कुमार सनीराज के आश्वासन के बाद हालात नॉर्मल हुए। वहीं 17 जनवरी को जिला के प्रवासी मजदूर की झारखंड में पिटाई और मौत के विरोध में फिर हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने बड़ुआ रेलवे फाटक पर तोड़फोड़ की। उस दिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। दो दिनों की हिंसा में पुलिस ने MIM नेता समेत कुल 36 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से चार पत्रकारों के साथ भी मारपीट में ये लोग शामिल थे।

कैसे पहुंचा NIA के हाथ में जांच

बेलडांगा की घटना को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में कई जनहित याचिकाएं दायर की गईं। इस मामले की सुनवाई 20 जनवरी को चीफ जस्टिस सुजय पाल और जस्टिस पार्थसारथी सेन की डिवीजन बेंच ने की। वादियों ने सीधे तौर पर NIA जांच की मांग की। वहीं राज्य का बयान सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार चाहे तो बेलडांगा की घटना की जांच NIA से करवा सकती है। इसी आधार पर शनिवार सुबह दो गाड़ियों में सवार आठ सदस्यों वाली NIA टीम सबसे पहले बेलडांगा पुलिस स्टेशन पहुंची। वहां पुलिस अधिकारियों से बात करने के बाद एक टीम बहरमपुर आई। सबसे पहले टीम के सदस्य जिला पुलिस ऑफिस गए। वहां से वे साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन गए और फिर जिला कोर्ट गए। बाद में कोर्ट से जांच का जिम्मा लेकर टीम बेलडांगा लौट आई। सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के सदस्य स्थानीय पुलिस के साथ बेलडांगा घटनास्थल पर गए और यह पता लगाने की कोशिश की कि उस दिन क्या हुआ था। वहीं सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के सदस्य रिपोर्ट लिखे जाने तक बेलडांगा थाना में जानकारी ले रहे थे।

एपीपी ने दी जानकारी

बेलडांगा हिंसा मामले में असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नीलांजन दत्ता ने शनिवार को बहरमपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट परिसर में खड़े होकर कहा कि बेलडांगा में दो दिनों तक चली हिंसा में कुल 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनमें से 13 को शुरू में 10 दिनों की पुलिस कस्टडी में लिया गया था। उन्हें निर्धारित दिन कोर्ट में पेश कर और तीन दिनों की कस्टडी में भेज दिया गया था। वहीं तीन दिनों की अवधि के बाद उन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। अभियुक्तों के वकील ने कोर्ट में उनकी जमानत के लिए अर्जी दी थी। जज ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। अब NIA बेलडांगा घटना की जांच करेगी। इस घटना में राज्य पुलिस की आगे कोई भूमिका नहीं रहेगी। फिलहाल 13 लोगों को जेल कस्टडी में भेजा जा रहा है। NIA अभियुक्तों से अपनी कस्टडी में लेकर पूछताछ कर सकती है।

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