फरक्का का नया दूसरा ब्रिज 
आसनसोल

महाषष्ठी से पहले चालू हो सकता है दूसरा नया फरक्का ब्रिज

चार लेन का नया ब्रिज नित्य जाम की समस्या से देगा रिहाई

Vijay Shankar

मुर्शिदाबाद : त्योहार की खुशी में एक और पहलू जोड़ते हुए, नॉर्थ और साउथ बंगाल के बीच आवागमन की लाइफलाइन को बड़ी राहत मिलने वाली है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) गंगा नदी पर बने नए दूसरे फरक्का ब्रिज को 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से ट्रैफिक के लिए खोलने की तैयारी कर रहा है। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो यह नया फोर-लेन ब्रिज 16 अक्टूबर को महाषष्ठी से पहले चालू हो जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, पुराना फरक्का बैराज, जो 21 अप्रैल, 1975 को खोला गया था, लगभग पांच दशक पुराना है। अभी, 2,240 मीटर लंबे पुराने ब्रिज पर हर दिन औसतन लगभग 30,000 छोटी और बड़ी गाड़ियां चलती हैं। एक तरफ रेलवे और दूसरी तरफ सिर्फ दो लेन की सड़क होने की वजह से, पुराना पुल लंबे समय से मालवाहक ट्रकों और लंबी दूरी की बसों की वजह से भारी ट्रैफिक जाम की वजह से रोज की समस्या बना हुआ था। पर्यटक और आम यात्रियों के लिए घंटों फंसे रहने की परेशानी अब पुरानी बात होने जा रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के मुताबिक, मुर्शिदाबाद के फरक्का को मालदा के वैष्णवनगर से जोड़ने वाले इस नए पुल को बनाने में करीब आठ साल लगे। इस ढाई किलोमीटर लंबे चार लेन वाले पुल को बनाने में करीब 521 करोड़ रुपये का खर्च आया, जिसका काम 2018 में शुरू हुआ था। पुल के मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर में एक खास 'इमरजेंसी वे' का इंतजाम भी शामिल है। नेशनल हाईवे नंबर 12 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर शुभेंदु बनर्जी ने बताया कि इस नए चार लेन वाले पुल की हर लेन में दो 'इमरजेंसी वे' दिए गए हैं। इसकी वजह से, अगर बीच में कोई गाड़ी खराब हो जाती है या उसकी रिपेयर की जरूरत होती है, तो मेन रोड पर ट्रैफिक ब्लॉक नहीं होगा, उसे आसानी से हटाया जा सकेगा और सामान्य गति बनाए रखी जा सकेगी। एक महीने पहले ट्रायल बेसिस पर एक लेन खोलने के बाद, पूरे ब्रिज को खोलने की आखिरी तैयारी चल रही है। लोगों का मानना ​​है कि पूजा-त्योहार से पहले यह नया, आसान और तेज फ्लाईओवर न सिर्फ पर्यटकों के लिए सफर को और मजेदार बनाएगा, बल्कि दोनों राज्यों के बीच व्यापार और संबंधों को भी बढ़ावा देगा।

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