मिदनापुर :लोक निर्माण विभाग अर्थात पीडब्लूडी की सड़क के किनारे एक पुराना बरगद का पेड़ है और सड़क चौड़ी करने के लिए उस पेड़ को काटने और हटाने की तैयारी शुरू हो गई थी। कुछ दिन पहले, मिदनापुर शहर के निवासियों के एक समूह ने उस तैयारी को देखकर सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसके बाद, कई लोग इससे प्रभावित हुए। शनिवार सुबह जब पीडब्लूडी के कर्मचारियों ने मिदनापुर शहर के क्विक्टा इलाके में उस पुराने बरगद के पेड़ को काटने की पहल शुरू की, तो छात्रों का एक समूह वहाँ पहुंच कर उस पेड़ को काटने का विरोध शुरु कर दिया। बेशक, उनके अभिभावक और शिक्षक उनके साथ थे। उन्होंने पूरे पेड़ को घेर लिया। स्थानीय 5 नम्बर वार्ड की महिला पार्षद मिताली बनर्जी ने भी फिलहाल उस पुराने बरगद के पेड़ को काटने के फैसले का विरोध किया।
मिली जानकारी के अनुसार मिदनापुर शहर के कुईकोटा इलाके में स्थित कालीमंदिर इलाके में एक बरगद का पेड़ है जो काफी पुराना है। ठीक उसके बगल में एक रास्ता है जो अपेक्षाकृत संकरा है। जिसके कारण पीडब्लूडी की ओर से रास्ते को चौड़ा करने का निर्णय लिया गया लेकिन उसके लिए उस पुराने बरगद के पेड़ को काटना जरुरी है। जिसके बारे में जब लोगों को जानकारी मिली तो स्थानीय लोगों ने विरोध करना शुरु कर दिया और शनिवार को विभाग के कर्मी उस पेड़ को काटने के लिए पहुंच गए। जिसके बाद स्थानीय लोगों और स्कूली बच्चों ने पेड़ को काटने का विरोध करने लगे। स्कूल बच्चे हाथों में मजमून लिखी हुई तख्तियां लेकर शांतिपूर्वक विरोध करना शुरु कर दिया और स्थानीय लोगों ने भी बच्चों का साथ दिया। जिसके बाद फिलहाल पेड़ को काटने का कार्य स्थागित कर दिया गया। इलाके की पार्षद मिताली बनर्जी ने भी उस पुराने पेड़ को काटने के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि विकास का कार्य सही है लेकिन परिवेश को बचाना भी जरुरी है इसलिए पेड़ काटने के पहले उसका कोई उपाय सोचना होगा।