मुर्शिदाबाद : कोर्ट ने सोये चाचा की धारदार हथियार से हत्या करने के मामले में एक भतीजे को उम्रकैद और दूसरे भतीजे को एक साल जेल की सजा सुनाई है। मंगलवार को कांदी अनुमंडल कोर्ट के जज मानिकलाल जाना ने एक भतीजे यूनुस शेख को उम्रकैद और दूसरे भतीजे नजमुल शेख को एक साल जेल की सजा सुनाई। कोर्ट सूत्रों के मुताबिक, खड़ग्राम थाने के अटाई गांव के मजारुल शेख और उसके भतीजे यूनुस शेख के परिवारों के बीच जमीन के मामले को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। वहीं 10 अक्टूबर 2023 की रात मजारुल शेख और उसकी पत्नी अपने घर में सो रहे थे। उसी रात करीब 11:30 बजे यूनुस शेख उनके घर में घुसा और धारदार हथियार से मजारुल शेख का गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। अगले दिन मजारुल शेख की बेटी सलमा खातून ने खड़ग्राम थाने में यूनुस शेख, नजमुल शेख और नाजनिहार बीबी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने खास धाराओं के तहत मामला दर्ज करके अपनी जांच शुरू की और तीन लोगों को गिरफ्तार किया। बाद में, नजमुल शेख और नाजनिहार बीबी को बेल पर रिहा कर दिया गया। 19 लोगों की गवाही और सबूतों के आधार पर जज ने सोमवार को यूनुस शेख और नजमुल शेख को दोषी पाया। उन्होंने नाजनिहार बीबी को बरी करने का आदेश दिया। दोनों को मंगलवार को सजा सुनाई गई। सरकारी वकील बिनीता रॉय ने कहा कि मजारुल शेख की हत्या जमीन के विवाद में हुई थी। उनमें से एक को हत्या के लिए उम्रकैद और दूसरे को एक साल जेल की सजा सुनाई गई।