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रानीगंज शहर का अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ेगी रानीगंज बचाओ कमेटी

केन्द्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ लामबंद होने की अपील

रानीगंज : गुरुवार शाम रानीगंज चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सभाकक्ष में रानीगंज बचाओ कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक हुयी। इस बैठक में कहा गया कि कमेटी का मुख्य उद्देश्य रानीगंज शहर के अस्तित्व को बचाना है। रानीगंज शहर चौतरफा उपेक्षा का शिकार हो रहा है। वहीं न तो रानीगंज शहर का समुचित विकास हो रहा है और न ही रानीगंज शहर के विकास की कोई परिकल्पना ही की जा रही है। केन्द्र और राज्य सरकार रानीगंज शहर के प्रति अपना उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। एक ओर जहां रानीगंज शहर के चारों तरफ कोल इंडिया की इकाई ईसीएल ओसीपी बनाने की योजना को अंजाम तक पहुंचाने की ओर बढ़ रही है। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के अधीन एडीडीए रानीगंज शहर में निर्माण कार्य पर 300 मीटर की पाबंदी लगाए हुए है। यानी आप विकास की ईमारत खड़ी नहीं कर सकते। विकास आसमान पर नहीं, जमीन पर होगा और जमीन में ही 300 मीटर की पाबंदी लगायी गयी है जिससे विकास कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इसके बाद नारायणकुड़ी, एगरा, रानीसायर, रोनाई से घिरे रानीगंज शहर को खाली कराने के दबाब को बढ़ाने के लिए इन क्षेत्रों में ईसीएल ओपेन कास्ट माइंस कर कोयला निकलने की ओर बढ़ रही है। इस तरह रानीगंज स्टेशन से लेकर पंजाबी मोड़ तक के क्षेत्र की घेराबंदी करने की साजिश रची जा रही है। गुरुवार की शाम रानीगंज चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सभाकक्ष में इन मुद्दों को लेकर रानीगंज बचाओ कमेटी के बीच गहन चर्चा हुयी। इस बैठक में मुख्य रूप से गौतम घटक, डॉ. एसके बासु, आरिज जलीस, आरपी खेतान, डॉ. चैताली बासु, अरुमय कुण्डू, प्रदीप बाजोरिया, अजित क्याल, अरुण भरतिया, राजेश गनेरीवाल, डॉ. अरूपानंद पाल, संजय बाजोरिया समेत शहर के प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित थे।

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