आसनसोल

ईसीएल की जमीन पर पेट्रोल पंप संचालन पर सवाल

7 दिन में खाली करने का अल्टीमेटम /अवैध कब्जे पर कंपनी हुई सख्त

आसनसोल : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने धेमोमेन स्थित जीटी रोड के किनारे कंपनी की भूमि पर संचालित किए जा रहे एक पेट्रोल पंप को लेकर बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने रोहित नोनिया के नाम नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर संबंधित भूमि को खाली करने का निर्देश दिया है। नोटिस के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार ईसीएल प्रबंधन का आरोप है कि जिस जमीन पर पेट्रोल पंप संचालित किया जा रहा है, वह कंपनी की संपत्ति है और उसका उपयोग बिना वैध अनुमति अथवा निर्धारित शर्तों के विपरीत किया जा रहा है। इसी आधार पर भूमि खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि निर्धारित सात दिनों की अवधि के भीतर भूमि खाली नहीं किए जाने पर कंपनी नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। इसमें अतिक्रमण हटाने, क्षतिपूर्ति वसूली और अन्य प्रशासनिक कदम शामिल हो सकते हैं।

अवैध कब्जों के खिलाफ ईसीएल की मुहिम तेज

पिछले कुछ महीनों से ईसीएल अपनी जमीनों और आवासीय परिसंपत्तियों पर अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। हाल ही में कंपनी को कलकत्ता हाईकोर्ट से भी बड़ी राहत मिली थी, जिसमें सार्वजनिक उपक्रमों की संपत्तियों पर अनधिकृत कब्जे के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही गई थी। कंपनी अधिकारियों का कहना है कि कोयला उत्पादन और भविष्य की परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसी कारण ईसीएल अपनी परिसंपत्तियों की सुरक्षा और अवैध कब्जों को हटाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

रोहित नोनिया का नाम हाल के दिनों में स्थानीय राजनीति में भी चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में ईसीएल द्वारा जारी किए गए इस नोटिस को केवल भूमि विवाद के रूप में नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। क्षेत्र के लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद कंपनी क्या कदम उठाती है। ‌वहीं सूत्रों के मुताबिक यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर भूमि खाली नहीं की जाती है तो ईसीएल जिला प्रशासन और पुलिस की सहायता लेकर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। इससे संबंधित पक्षों के सामने कानूनी और आर्थिक चुनौतियां भी खड़ी हो सकती हैं।

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