अंडाल : ईसीएल के बंकोला क्षेत्र अंतर्गत नाकराकोंदा-कुमारडीही 'बी' ओसीपी के सामने पासवर्ती ज्वालभांगा गांव के लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उक्त माइंस में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने की मांग की। वहीं इस आंदोलन के कारण घंटों उत्पादन कार्य प्रभावित रहा। प्रबंधन द्वारा मांग पर सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन खत्म किया गया। कंचन घोष व अन्य प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ईसीएल के उक्त ओसीपी के कारण ज्वालभांगा व आस-पास के इलाके की कृषि योग्य जमीन नष्ट हो चुकी है। खदान के कारण इलाके में प्रदूषण भी दिन पर दिन बढ़ रहा है। ईसीएल प्रबंधन ने उक्त ओसीपी में खनन कार्य का जिम्मा एएमपीएल नामक एक एक प्राइवेट कंपनी को सौंपा है। उक्त प्राइवेट कंपनी स्थानीय बेरोजगार युवाओं को काम न देकर बाहर से लोगों को लाकर काम करवा रहा है जबकि ओसीपी शुरू होने से पहले प्रबंधन से लेकर नेताओं ने इलाके की आर्थिक-सामाजिक विकास को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कही थी। सच्चाई यह है कि स्थानीय लोगों को रोजगार की जगह प्रदूषण की सौगात मिल रही है। हमारी जमीन गई, खेती गई और काम बाहरी लोगों को, यह स्थानीय युवाओं के साथ नाइंसाफी है। प्रबंधन व प्राइवेट कंपनी यदि स्थानीय बेरोजगार युवाओं को काम नहीं देती है तो आने वाले दिनों में जोरदार आंदोलन होगा। वहीं कहा गया कि जरूरत पड़ी तो वे लोग आमरण अनशन पर बैठेंगे।