जानकारी देते एडीसीपी के सीपी डॉक्टर प्रणव कुमार  
आसनसोल

पुलिस ने व्यवसायियों को पढ़ाया साइबर ठगी से बचने का पाठ

साइबर क्राइम पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन

Suraj Choudhary

सूरज, सन्मार्ग संवाददाता

आसनसोल : बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से SBFCI एवं आसनसोल साइबर थाना की ओर से शनिवार को आसनसोल गुजराती भवन में सुरक्षित रहें, बचाव करें, पहचानें विषय पर एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में आसनसोल साइबर थाना की अधिकारी शहनाज खातून ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से मौजूद लोगों को साइबर ठगी के नए तौर-तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मौके पर एडीसी साइबर राहुल पांडेय ने बताया कि ठग मुख्य रूप से 6 तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। पहला है डिजिटल अरेस्ट, जिसमें खुद को पुलिस, सीबीआई, आरबीआई या कस्टम अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर डराया जाता है। दूसरा है निवेश के नाम पर ठगी, जिसमें फर्जी एप और वेबसाइट पर अधिक मुनाफे का लालच दिया जाता है। तीसरा है यूपीआई और क्यूआर कोड फ्रॉड, चौथा फिशिंग, विशिंग, स्मिशिंग के जरिए नकली लिंक भेजकर ओटीपी व बैंक डिटेल चुराना। पांचवा है एपीके फ्रॉड, जिसमें कोई भी एप इंस्टॉल करवाकर मोबाइल का पूरा नियंत्रण ले लिया जाता है और छठा है नौकरी, लोन, वैवाहिक रिश्ता, कूरियर व कस्टमर केयर के नाम पर ठगी। इन सब से बचना है कारण जानकारी ही बचाव का मुख्य मार्ग है। मौके पर मौजूद मुख्य अतिथि आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नर डॉक्टर प्रणव कुमार ने कहा कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर पहले रुकें, घबराएं नहीं, उसकी सत्यता की जांच करें और तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या http://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही लोगों से डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने की अपील की। इस मौके पर डीसीपी वेस्ट सना अख्तर, एसीपी एसबी एमडी जसीम, SBFCI के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ढल, डायरेक्टर जगदीश बागड़ी , ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी निखिलेश उपाध्याय, प्रोग्राम कॉर्डिनेटर शंकर चटर्जी,ऋत्विक घटक सहित समाज के सदस्य , व्यवसाई एवं पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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