आसनसोल

ईसीएल की बिजली कटौती से लाखों लोग हुए प्रभावित

कई जगहों पर किया गया विरोध प्रदर्शन

आसनसोल : ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) प्रबंधन अपने बढ़ते खर्चों को कम करने के लिए अलग-अलग प्रकार से प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में प्रयोग के तौर पर ईसीएल प्रबंधन ने कोलियरी अंचल में दिन में 9 घंटे बिजली की कटौती करने का निर्देश दिया है। उक्त निर्देश को बुधवार से सातग्राम श्रीपुर क्षेत्र के विभिन्न कॉलोनियों में लागू कर दिया गया। बिजली कटौती शुरू करने से लाखों की संख्या में लोग प्रभावित हो रहे हैं। सनद रहे कि बीते मंगलवार को ईसीएल की ओर बिजली कटौती करने का निर्देश जारी किया गया था। इस निर्देश के जारी होने से बुधवार सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक गिरमिट, भनौड़ा, एसएसआई, निंघा, कालीपहाड़ी, एबी पीट आदि विभिन्न कोलियरी क्षेत्रों की कॉलोनियों में बिजली काटने से हाहाकार मच गया। गिरमिट कोलियरी क्षेत्र में राज्य सरकार की बिजली उपलब्ध होते हुए भी आउट साइडर ईसीएल की बिजली व्यवहार करते हैं जिससे हर महीने ईसीएल को काफी अतिरिक्त बिल का भुगतान करना पड़ रहा था। बिजली खपत कम करने के लिए ईसीएल द्वारा बार-बार नोटिस दिया गया कि खपत पर नियंत्रण करें। ऐसा नहीं होने पर बिजली काटना ईसीएल की मजबूरी बन गई। बाहरी लोगों के कारण ईसीएल कर्मियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सूत्रों के मुताबिक 9 घंटे बिजली कटौती से ईसीएल को लाभ नहीं होने वाला है। कोलियरी मजदूर सभा के केंद्रीय सचिव रमेश सिंह ने कहा माध्यमिक परीक्षा को देखते हुए ईसीएल को राहत देने पर विचार करना चाहिए। इस संबंध में महाप्रबंधक रोबिन थौनिजा ने फोन रिसीव नहीं किया जबकि सातग्राम के अभियंता आरके सिंह, एसएसपी कल्याण राय, अभियंता बी शैलेंद्र आदि ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

बिजली काटने के विरोध में सातग्राम एरिया कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन

जामुड़िया : सातग्राम एरिया कार्यालय द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के कई उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति काटे जाने के विरोध में मंगलवार को स्थानीय विधायक हरेराम सिंह के नेतृत्व में जोरदार आंदोलन और प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में ईसीएल श्रमिक, स्थानीय लोग, दुकानदार और बिजली उपभोक्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी सातग्राम एरिया कार्यालय के बाहर एकत्र होकर ईसीएल के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक बिजली काटे जाने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। घरेलू कामकाज ठप पड़ गया है। वहीं व्यापारिक गतिविधियां भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। दुकानदारों ने बताया कि बिजली नहीं रहने से दुकानों में ग्राहकों की संख्या घट गई है और रोजमर्रा का कामकाज ठप हो गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए विधायक हरेराम सिंह ने कहा कि सातग्राम क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तय समय से अधिक बिजली कटौती की जा रही है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जीवन और स्थानीय कारोबार पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया और लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज किया। विधायक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिजली आज के समय में बुनियादी जरूरत बन चुकी है और इसके बिना सामान्य जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल नहीं की गई और कटौती के निर्णय की समीक्षा नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा कानूनी रास्ता भी अपनाया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान घरों में बुजुर्गों और बच्चों को गर्मी के कारण हो रही परेशानियों का भी मुद्दा उठाया गया। खबर लिखे जाने तक सातग्राम एरिया कार्यालय या विद्युत विभाग की ओर से बिजली कटौती के कारणों अथवा आपूर्ति बहाली को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। इस मौके पर मेयर परिषद सदस्य सुब्रत अधिकारी, श्रमिक नेता तारकेश्वर सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

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