दुर्गापुर : दुर्गापुर के गोपालपुर इलाके में उस समय भारी तनाव फैल गया, जब तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संगठन INTTUC के एक कार्यालय से भारी मात्रा में सरकारी राहत सामग्री बरामद हुई। बरामद सामानों में सरकारी 'विश्व बांग्ला' लोगो वाले लगभग 250 तिरपाल, भारी मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर और बोरियों में भरा सरकारी मछली का दाना शामिल है। इस घटना के बाद इलाके में भारी सनसनी फैल गई। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि यह दफ्तर तृणमूल श्रमिक संगठन के स्थानीय प्रभावशाली नेता शिवदास मंडल के नियंत्रण में था। वहीं बुधवार दोपहर जब भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इस कार्यालय का दरवाजा खोला, तो वे अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए। वहीं कार्यालय के भीतर सरकारी मुहर और लोगो लगे तिरपालों का ढेर लगा हुआ था। इसके साथ ही सरकारी आपूर्ति वाली ब्लीचिंग पाउडर की बोरियां और मत्स्य विभाग द्वारा दिया जाने वाला मछली का दाना भी भारी मात्रा में छिपाकर रखा गया था। खबर फैलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ वहां जमा हो गई। भाजपा और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि शिवदास मंडल इलाके का एक रसूखदार तृणमूल नेता है, जिसने कथित तौर पर एक जलाशय पर अवैध कब्जा कर इस पार्टी दफ्तर का निर्माण कराया था। विपक्ष ने दावा किया कि इस पूरे गोरखधंधे में स्थानीय पंचायत प्रधान श्रीनंदा राय महंती और उप-प्रधान गणेश मंडल की भी पूरी शह थी। नेता पर कम समय में करोड़ों की संपत्ति बनाने के भी आरोप लगते रहे हैं। इस दौरान घटनास्थल पर मौजूद भाजपा नेता संग्राम मुखोपाध्याय ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस शिवदास मंडल ने सिर्फ तिरपाल ही नहीं, बल्कि जनता के हक की कई सरकारी संपत्तियां लूटी हैं। आज पाप का घड़ा फूटा और सच सबके सामने आ गया है। हमने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सिर से पैर तक भ्रष्टाचार में डूबे ऐसे नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और इन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। फिलहाल पुलिस ने सभी सरकारी सामग्रियों को जब्त कर लिया है। सरकारी राहत सामग्री एक पार्टी दफ्तर में कैसे और किसके इशारे पर डंप की गई थी। इस घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त हो गया है।