गिरफ्तार अभियुक्त को अदालत ले जाती पुलिस  
आसनसोल

KKSC नेता सह पंचायत सदस्य शेख कमरुद्दीन गिरफ्तार

चुनाव बाद हिंसा, जबरन वसूली का मामला

पांडवेश्वर : राज्य में सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक परिस्थितियों के बदलते ही भ्रष्टाचार, जबरन वसूली (तोलाबाजी) तथा चुनावी हिंसा के मामलों में पुलिस ने अपनी कार्रवाई बेहद तेज कर दी है। इसी कड़ी में शनिवार की रात पांडवेश्वर थाना की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चुनावी हिंसा और जबरन वसूली के गंभीर आरोपों में तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय पंचायत सदस्य और श्रमिक नेता शेख कमरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को पुलिस ने अभियुक्त को दुर्गापुर अदालत में पेश किया। जानकारी के अनुसार, दन्ना इलाका निवासी शेख कमरुद्दीन बैद्यनाथपुर ग्राम पंचायत के सदस्य हैं। इसके साथ ही वह तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संगठन 'कोयला खदान श्रमिक कांग्रेस' (KKSC) के साउथ श्यामला कोलियरी शाखा के सचिव पद पर भी कार्यरत हैं। हालांकि, अपनी गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोपी कमरुद्दीन ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है और इसे राजनीतिक साजिश का हिस्सा करार दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। इलाके में किसी भी तरह की रंगदारी, तोलाबाजी या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून सबके लिए बराबर है और सबूतों के आधार पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पांडवेश्वर में मंचा हड़कंप, पूर्व में भी कई नेता जा चुके हैं जेल

पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र में आए दिन तृणमूल नेताओं की हो रही ताबड़तोड़ गिरफ्तारी से इलाके की राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। शेख कमरुद्दीन की गिरफ्तारी इस श्रृंखला की नई कड़ी है। इससे पहले भी पुलिस जबरन वसूली और चुनावी हिंसा के मामलों में तृणमूस के कई रसूखदार नेताओं को सलाखों के पीछे भेज चुकी है, जिनमें रामचरित पासवान (प्रधान, छोरा पंचायत), रामजीवन कुमार (सचिव, केकेएससी, परासकोल कोलियरी शाखा), शतदीप घटक (अध्यक्ष, दुर्गापुर-फरीदपुर ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस), शेख वासरूल उर्फ वाश ( आईएनटीटीयूसी नेता) मुख्य रूप से शामिल है।

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