राख लदी गाड़ियां 
आसनसोल

फरक्का थर्मल पावर प्लांट में ऐश रैकेट चलने का आरोप

आरोप की ऊंगली बीजेपी नेताओं पर

Vijay Shankar

मुर्शिदाबाद : फरक्का के निशिंद्र में भले ही धंधा बंद हो गया हो, लेकिन फरक्का थर्मल पावर प्लांट का ऐश (राख) रैकेट थम नहीं रहा है। इस बार शमशेरगंज के मालंचा शंकरपुर इलाके में एक नया ऐश सिंडिकेट बनने के गंभीर आरोप लगे हैं। इतना ही नहीं, हालांकि पहले इस धंधे में पिछली सत्ताधारी पार्टी का नाम आता था, अब मौजूदा सत्ताधारी पार्टी के कुछ लोकल BJP नेताओं पर इस सिंडिकेट को सपोर्ट करने के सनसनीखेज आरोप लगे हैं। हालांकि, लोकल BJP लीडरशिप ने इस आरोप को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। हालांकि, BJP डिस्ट्रिक्ट लीडरशिप ने कहा है कि इसकी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सही एक्शन लिया जाएगा। इस बारे में फरक्का NTPC थर्मल पावर प्लांट के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर अर्पित वर्मा ने कहा, इस मामले की डिटेल जानने के बाद ही मुझे जो कहना है, कहूंगा। आरोप है कि मालंचा ऐश पॉन्ड से अर्थ-कटिंग मशीनों का इस्तेमाल करके राख निकाली जा रही है। फिर, राख से लदे ट्रक फीडर कैनाल रोड के ज़रिए फरक्का थर्मल पावर प्लांट से निकल रहे हैं। नेताजी ब्रिज पार करने के बाद हर दिन सौ से ज़्यादा ट्रक नेशनल हाईवे नंबर 12 पर चल रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि खुले ट्रकों में सूखी राख की ढुलाई के कारण पंचुला, शंकरपुर, अमताला, अनूपपुर, खोसलपुर, लहरिया, गोलबाड़ी, तुलसीपुकुर और जोरपुकुरिया जैसे 10 से ज़्यादा गांवों के हजारों लोगों को बहुत ज़्यादा प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। हवा में उड़ती राख लोगों के घरों और फेफड़ों में जा रही है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो रहे हैं। इसके अलावा, भारी ट्रकों के दबाव के कारण स्थानीय सड़कें चलने लायक नहीं रह गई हैं। हालांकि, सिंडिकेट की बेलगाम ताकत और धमकियों के कारण आम ग्रामीण बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। गौरतलब है कि फरक्का में NTPC पर राख की जबरन वसूली के आरोप लंबे समय से लगते आ रहे हैं। एक समय यह सिंडिकेट निशिंद्र इलाके में तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी के कुछ नेताओं की छत्रछाया में चलता था। आरोप थे कि वहां से हर महीने कुछ करोड़ रुपये से ज़्यादा की वसूली हो रही थी जिसके बारे में खुद तृणमूल नेता ने एक बार पार्टी में लिखित शिकायत भी की थी। हालांकि बाद में यह सिंडिकेट कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था, लेकिन अब यह मालंचा इलाके में नए रूप में फिर से सामने आया है। इस नए सिंडिकेट का नाम आने के बाद राजनीतिक दबाव शुरू हो गया है। आरोपी बीजेपी नेताओं ने सीधे तौर पर सिंडिकेट बनाने से इनकार किया है। इस बारे में साउथ मालदा बीजेपी के सेक्रेटरी प्रबीर साहा ने कहा, मैंने सुना है कि ऐश सिंडिकेट है, लेकिन मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है। मुझे नहीं पता कि इसमें कौन या क्या शामिल है। एक और बीजेपी नेता ने कहा, मैंने सुना है कि सब कुछ NTPC की इजाज़त से चल रहा है और प्रति ट्रक 650 रुपये लिए जा रहे हैं। जंगीपुर संगठनात्मक ज़िला बीजेपी अध्यक्ष सुबल चंद्र घोष ने कहा, चूंकि शिकायत आई है, इसलिए मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। मुझे इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन पता लगाने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

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