सूरज, सन्मार्ग संवाददाता
आसनसोल: आसनसोल के घनी आबादी वाले इलाकों - हट्टन रोड, जीटी रोड, रेलपार, बर्नपुर बाजार, आसनसोल बाजार , सरकारी कुआं , एनएस रोड , राहा लेन में बनी बहुमंजिला इमारतों और मार्केट कॉम्प्लेक्स में फायर सेफ्टी भगवान भरोसे है। हाल में हुई आगजनी की घटनाओं के बाद अब फायर ऑडिट की मांग तेज हो गई है। ऐसा ही एक घटना आसनसोल के कुमारपुर स्थित जेनेक्स एस्कॉटिका में मंगलवार को आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दोपहर के समय अचानक लगी इस आग ने पूरे सोसाइटी में दहशत फैला दी। गौरतलब है कि टावर 5 की पहली मंजिल स्थित 1-C में आग लगी थी। बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत किचन से हुई और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। धुंआ निकलते देख फ्लैट में रहने वाले लोग घबराकर बाहर निकल आए। इसके बाद सोसाइटी के सचिव पूर्णेंदु चौधरी ने विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी एवं फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की एक इंजन मौके पर पहुंची और दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह आग अन्य फ्लैटों तक भी फैल सकती थी। प्रारंभिक जांच में फ्रिज में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। हालांकि दमकल विभाग और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के असली कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। सोसाइटी सचिव पूर्णेंदु चौधरी ने बताया कि जिस फ्लैट में यह हादसा हुआ, वहां बैंककर्मी सचिन अम्बष्टा अपने परिवार के साथ रहते हैं। हादसे के वक्त उनकी पत्नी और मासूम बच्चा घर में ही मौजूद थे। आग लगते ही चीख-पुकार मच गई, इसके बाद पड़ोसियों और सुरक्षा कर्मियों की मदद से दोनों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन फ्लैट के अंदर रखा काफी सामान जलकर खाक हो गया है।
मौके पर पहुंचे विधायक और पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही इलाके के भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटना स्थल का जायजा लिया और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
फायर ऑडिट की मांग हुई तेज
विशेषज्ञों का कहना है कि आसनसोल के 70% से अधिक कॉमर्शियल बिल्डिंगों में न तो फायर अलार्म है, न ही फायर एक्जिट और न ही पर्याप्त फायर फाइटिंग सिस्टम। तंग गलियों में बनी इन इमारतों तक दमकल की गाड़ी पहुंचना भी मुश्किल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश बिल्डिंगों में पुरानी वायरिंग, एक ही जगह पर दर्जनों AC और लोड से ज्यादा बिजली का उपयोग हो रहा है, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा हमेशा बना रहता है।आसनसोल नगर निगम और दमकल विभाग से मांग की है कि शहर के सभी घनी आबादी वाले इलाकों की बिल्डिंगों का तत्काल फायर ऑडिट कराया जाए। जिन बिल्डिंगों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।