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दुर्गापुर नगर निगम का बोर्ड भंग, डीएम संभालेंगे जिम्मेदारी

5 सितंबर 2022 में समाप्त हुआ था बोर्ड का कार्यकाल

दुर्गापुर : दुर्गापुर नगर निगम में तृणमूल द्वारा संचालित बोर्ड को भंग कर दिया गया है। पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी एस पोन्नम्बलम डीएमसी में चुनाव होने तक चेयरपर्सन की जिम्मेदारी संभालेंगे। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अड्डा के चेयरमैन कवि दत्त ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। इस कारण अड्डा की जिम्मेदारी भी डीएम को दी गई है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा कर्मियों ने नगर निगम की बिल्डिंग पर पार्टी का झंडा लगाया था। डीएमसी में उस समय चुनाव कराने की मांग पर विरोधी दलों द्वारा बार-बार आंदोलन किया गया था। वहीं मुख्य रूप से आंदोलन करने वाली भाजपा विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सरकार बना चुकी है। दुर्गापुर से भाजपा के विधायक लखन घोरूई और चंद्रशेखर बनर्जी ने डीएमसी एवं अड्डा की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के साथ बैठक की थी। सूत्रों की मानें तो दुर्गापूजा के आसपास डीएमसी में चुनाव हो सकते हैं। इसके अलावा नगर निगम के चुनाव को लेकर अदालत में याचिका दायर की गई थी।

भाजपा कर रही नगर निगम के चुनाव पर फोकस

भाजपा विधानसभा चुनाव के बाद नगर निगम के चुनाव पर फोकस कर रही है। दुर्गापुर नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल 5 सितंबर वर्ष 2022 में समाप्त हो गया था। वर्ष 2017 के चुनाव में स्थानीय लोगों को वोट देने से रोका गया था। भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक लखन घोरूई ने बताया कि डीएमसी में चुनाव होने तक जिलाधिकारी एस पोन्नम्बलम चेयरपर्सन के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे है। दुर्गापुर के लोग वर्ष 2017 के चुनाव के दृश्य को अब तक भूल नहीं पाए हैं। दुर्गापुर नगर निगम एवं अड्डा में एक के बाद एक कई भ्रष्टाचार हुए हैं। सभी फाइलों को फिर से खोला जा रहा है। दुर्गापुर के विधाननगर में एक होटल की खूबसूरती के लिए बस स्टैंड को तोड़ा गया था। सिटी सेंटर में अवैध ढंग से एक होटल का निर्माण किया गया है। सिटी सेंटर स्थित अड्डा के कार्यालय में आग लगने से सारे दस्तावेज जलकर राख हो गए थे। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद प्रत्येक दिन सैकड़ों लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। दुर्गापुर नगर निगम एवं अड्डा द्वारा विकास के नाम पर भ्रष्टाचार किए गए हैं।

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