दुर्गापुर : दुर्गापुर नगर निगम में चुनाव कराने की मांग पर विरोधी दलों द्वारा बार-बार आंदोलन किया गया था। वहीं मुख्य रूप से आंदोलन करने वाली भाजपा विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में अपनी सरकार बन चुकी है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को एकतरफा जीत मिली है। दुर्गापुर पश्चिम एवं पूर्व विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। सूत्रों की मानें तो दुर्गापूजा के आसपास डीएमसी चुनाव हो सकता है। दुर्गापुर नगर निगम चुनाव को लेकर विरोधी दलों द्वारा बार-बार आंदोलन किया गया है। इसके अलावा नगर निगम के चुनाव को लेकर अदालत में याचिका दायर की गई थी। दुर्गापुर के 33 वार्डों में भाजपा को लोकसभा चुनाव में बढ़त मिली थी। इसके बाद भाजपा को सरकार बनाने में भी सफलता मिली है। दुर्गापुर की दोनों सीटों से भाजपा प्रत्याशियों की जीत को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। भाजपा विधानसभा चुनाव के बाद नगर निगम के चुनाव पर फोकस कर रही है। दुर्गापुर नगर निगम चुनाव को लेकर पहले नोटिफिकेशन किया जाएगा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि नगर निगम में चुनाव कराने की मांग पर बार-बार आंदोलन किया गया है। दुर्गापुर नगर निगम में निष्पक्ष चुनाव होने पर भाजपा द्वारा बोर्ड का गठन किया जाएगा। दुर्गापुर नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल 5 सितंबर वर्ष 2022 में समाप्त हो गया था। वर्ष 2017 के चुनाव में स्थानीय लोगों को वोट देने से रोका गया था। दुर्गापुर में भाजपा प्रत्याशियों की जीत का फायदा नगर निगम चुनाव में होगा। तृणमूल शासनकाल में डीएमसी चुनाव को लेकर कोई पहल नहीं की गई थी। सूचना है कि दुर्गापुर नगर निगम चुनाव में भाजपा सभी वार्डों में अपना प्रत्याशी देगी। आरोप है कि विगत नगर निगम चुनाव में तृणमूल कार्यकर्ताओं ने खुलेआम फायरिंग एवं बमबाजी की थी। दुर्गापुर के लोग वर्ष 2017 के चुनाव के दृश्य को अब तक भूल नहीं पाए हैं। तृणमूल कार्यकर्ता चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक हिंसा का प्रयास कर सकते हैं। सूत्रों की मानें तो भाजपा की सरकार बनने के बाद तृणमूल के कई पूर्व पार्षद भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं।