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डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन ऑफ इस्पात ने फ्यूचर ग्रोथ को लेकर कॉरपोरेट कार्यालय दिल्ली में की बैठक

Suraj Choudhary

बर्नपुर : भारत सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड में कार्यरत युवा डिप्लोमा इंजीनियर कर्मचारियों के फ्यूचर ग्रोथ के मुद्दे को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन ऑफ इस्पात (सेल के सभी यूनिट के डिप्लोमा प्रतिनिधि) सेल कॉरपोरेट कार्यालय दिल्ली में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) बीएस पोपली एवं मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) हरिमोहन झा से मिल कर एक बैठक की। वहीं बैठक में वर्तमान जूनियर इंजीनियर पद एस-9 ग्रेड से नीचे लाकर सेक्शन इंजीनियर पदनाम एस-9 ग्रेड में देने की मांग एवं वर्तमान ई-0 गैर कार्यपालक से कार्यपालक प्रोमोशन पॉलिसी (जूनियर मैनेजर प्रोमोशन पॉलिसी) में बदलाव की मांग करते हुए डिप्लोमा इंजीनियरों को एस-6 ग्रेड से ई-0 परीक्षा की पात्रता देने पर विस्तृत चर्चा की। इसके अलावा ई-0 परीक्षा में डिप्लोमा इंजीनियरों की उच्च योग्यता ओर अनुभव के अंकों की गिनती उनके जॉइनिंग डेट से करने तथा बी. टेक कर रहे सेल कर्मचारियों को एजुकेशन इंसेंटिव 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये करने पर भी जोर दिया गया। डिप्लोमा इंजीनयर प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान में डिप्लोमा इंजीनियर कर्मचारी सयंत्र के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़-चढ़कर योगदान दे रहे हैं। आवश्यकता के अनुसार कुछ क्षेत्रों में डिप्लोमा इंजीनियर कर्मचारी शिफ्ट इन्चार्ज के रूप में कार्य कर रहे हैं। पूर्व में जब डिप्लोमा इंजीनियर्स की बहाली एस-6 ग्रेड में होती थी, उस समय डिप्लोमा इंजीनियरों को एस-8 ग्रेड के बाद 4 वर्ष का अनुभव होने पर यानी कि स्थायी होने के बारह वर्षों के बाद जूनियर ऑफिसर में प्रोमोशन के लिए ई जीरो परीक्षा की पात्रता दी जाती थी, लेकिन वर्तमान में डिप्लोमा इंजीनियरों को एस-3 ग्रेड में ज्वाइन कराया जा रहा है। उसके बाद उनको एस-6 ग्रेड में 5 वर्ष का अनुभव होने पर ई जीरो परीक्षा की पात्रता दी जा रही है। इस मौके पर प्रतिनिधि मंडल में आईएसपी से लव कुमार मन्ना, गौतम नंदी, मीर मुशर्रफ अली, बीएसएल से संदीप कुमार, डीएसपी से नंद किशोर घोष वैराग्य, गौरव शर्मा, बीएसपी से राजेश शर्मा, तारकेश्वर, आरएसपी से तन्मय समल उपस्थित थे।

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