सन्मार्ग संवाददाता
आसनसोल : बंगाल से नई दिल्ली रेल मार्ग पर चलने वाली प्रीमियम व हाई-स्पीड सुपरफास्ट ट्रेनों में से किसी एक भी ट्रेन का टूंडला जंक्शन पर ठहराव (स्टॉपेज) नहीं होने से श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा-वृंदावन जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है। इस समस्या को देखते हुए आसनसोल के वरिष्ठ व्यवसायी सुरेन जालान ने रेलवे से टूंडला स्टेशन पर प्रीमियम व हाई-स्पीड ट्रेनों में से किसी एक ट्रेन का कम से कम 2 मिनट के ठहराव की मांग की है। बता दें कि यह मांग नई-नहीं है। सुरेन जालान इस मांग को विभिन्न स्तरों पर पिछले कई सालों से उठते आ रहे हैं। उन्होंने यह मांग तत्कालीन केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के सामने भी उठाया था। उन्होंने बताया कि उस समय बाबुल सुप्रियो के सहायक ने इस स्टेशन पर किसी एक प्रीमियम क्लास की ट्रेन को रुकवाने का वादा तक भी किया था पर वह वादा आज भी वादा रह गया है। इतना ही नहीं सुरेन जालान इस मुद्दे को कैट के तत्कालीन राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल के सामने भी उठाया था। सुरेन जालान के अनुसार प्रवीण खंडेलवाल ने भी बंगाल श्रद्धालुओं की इस मांग को जल्द से जल्द पूरा करवाने का आश्वासन भी दिया था।
उन्होंने कहा कि टूंडला जंक्शन दिल्ली, बिहार तथा पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण रेल नोड है। इसके बावजूद कई प्रीमियम व सुपरफास्ट ट्रेनें यहां बिना रुके सीधे गुजर जाती हैं। बंगाल और उत्तर-पूर्वी भारत से आने वाले यात्रियों को टूंडला में ठहराव न होने के कारण पहले दिल्ली जाना पड़ता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त समय और किराया चुकाना पड़ता है।
उन्होंने मांग की कि यदि बंगाल से चलने वाली हाई-स्पीड ट्रेनों में से किसी एक ट्रेन को टूंडला में कम से कम 2 से 3 मिनट का तकनीकी व व्यावसायिक (कमर्शियल) स्टॉपेज दिया जाए तो इसका श्रद्धालुओं सहित आम लोगों को भी व्यापक लाभ मिलेगा।
क्यों जरूरी है टूंडला स्टेशन पर ठहराव?
टूंडला जंक्शन पर बंगाल-दिल्ली मार्ग की ट्रेनों के ठहराव से मथुरा और वृंदावन जाने वाले यात्रियों को समय, धन और यात्रा की सुगमता के रूप में सीधा लाभ मिलेगा।
वर्तमान में बंगाल और पूर्वोत्तर भारत से आने वाले यात्रियों को दिल्ली उतरकर मथुरा/वृंदावन के लिए वापस आना पड़ता है। टूंडला में ठहराव मिलने से यात्री सीधे उतरकर मात्र 1 से 1.5 घंटे में सड़क मार्ग (NH-19) या लोकल ट्रेन से मथुरा-वृंदावन पहुंच सकेंगे।
दिल्ली जाकर वापस मथुरा लौटने में श्रद्धालुओं का अतिरिक्त समय और टैक्सी भाड़ा खर्च होता है। टूंडला में उतरने से इस अनावश्यक यात्रा खर्च न समय की बचत होगी। टूंडला जंक्शन से आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-19) बेहद करीब है, जहां से मथुरा और वृंदावन के लिए 24 घंटे बसें तथा निजी वाहन आसानी से उपलब्ध रहते हैं। लंबी दूरी की यात्रा के बाद दिल्ली जाकर फिर मथुरा की ओर लौटना बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए बेहद थकान भरा होता है। टूंडला में ठहराव से यात्रा काफी सहज हो जाएगी। इससे बंगाल, झारखंड और बिहार से मथुरा-वृंदावन जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड को इस पर विशेष रूप से विचार करना चाहिए। सुरेन जालान ने मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर बंगाल के सभी जनप्रतिनिधियों को भी रेल मंत्री एवं रेलवे बोर्ड से अपील करनी चाहिए ताकि यहां से मथुरा वृंदावन जाने वाले श्रद्धालुओं को खासकर बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों को सुविधा हो सके और उनकी समय व धन की बचत हो सके।