आसनसोल

साइबर फ्रॉड मामले में 7 गिरफ्तार

Gopal Kumar Singh

संजय, सन्मार्ग संवाददाता

​बर्दवान : कॉल सेंटर की आड़ में चल रहे साइबर फ्रॉड गिरोह के 7 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गुरुवार को बर्दवान शहर के गूडशेड रोड इलाके में छापेमारी कर बर्दवान थाना पुलिस ने कॉल सेंटर के मालिक अरित कुमार दास और छह महिला कर्मियों को हिरासत में लिया था। शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार दिखाकर बर्दवान अदालत में पेश किया गया। ​पुलिस जांच में सामने आया है कि कंपनी का डायरेक्टर अरित कुमार दास ही इस वित्तीय धोखाधड़ी गिरोह का मुख्य सरगना (किंगपिन) है। अरित के अलावा कंपनी की छह महिला कर्मचारियों मानाख्या चक्रवर्ती, मौमिता हाजरा, सीमा चटर्जी, मंदिरा ता, पॉली केओरा और दोएल नंदी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), (3), (4), 319(2), 336(2), (3) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया गया। ​पुलिस ने कॉल सेंटर से 5,000 से अधिक फोन नंबरों का डेटाबेस बरामद करने के साथ ही 12 सिम कार्ड, 1 लैपटॉप, 4 डेस्कटॉप, 8 मोबाइल और कई दस्तावेज जब्त किए हैं। बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार के साइबर क्राइम विंग और केंद्रीय गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर पोर्टल से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने गूडशेड रोड स्थित ''एक्सा बीपीओ'' (Exa BPO) नाम की कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा था। पुलिस जांच में सामने आया कि ''आइशी इंटरनेशनल फाउंडेशन'' के नाम पर कई सिम कार्ड लेकर अपराध को अंजाम दिया जा रहा था। जब पुलिस ने कंपनी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मांगा, तो अरित कुमार दास कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। यह गिरोह देशभर में लोन, नौकरी और क्रेडिट कार्ड देने के नाम पर ठगी करता था। महिला कर्मचारी ग्राहकों को लोन का लालच देकर उनसे जानकारी हासिल करती थीं। इसके बाद क्यूआर (QR) कोड भेजकर मोटी रकम अपने मुख्य खाते या वॉलेट में ट्रांसफर करवा लेती थीं और फिर एटीएम के जरिए पैसे निकाल लेती थीं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने बर्दवान में 56 संदिग्ध वित्तीय लेनदेन करने वाले व्यक्तियों की पहचान की है।

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