बर्नपुर : सेल आईएसपी के सेफ्टी ट्रेनिंग सेंटर में शनिवार को ठेका मजदूरों के प्रशिक्षण के दौरान पार्षदों के द्वारा सख्त रुख अपनाने एवं अन्य राज्यों से आये मजदूरों को प्रशिक्षण लेने के दौरान रोके जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यह मामला इतना बढ़ गया है कि एक तरफ भाजपा तो दूसरी तरफ तृणमूल के श्रमिक नेता तो वहीं यूनियन ने भी पार्षद अशोक रुद्र के खिलाफ तृणमूल के उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि सेल आईएसपी में सेफ्टी विभाग में ठेका मजदूरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था, इसकी सूचना मिलते ही शनिवार को तृणमूल राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं वार्ड 78 के पार्षद अशोक रुद्र एवं वार्ड 77 के पार्षद गुरमित सिंह पर आईएसपी के सेफ्टी ट्रेनिंग सेंटर पहुंच प्रशिक्षण ले रहे मजदूरों को धमकाने का आरोप लगा है। आरोप है कि वहां श्रमिकों को पार्षद ने कहा कि जो दूसरे राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार एवं झारखंड से आए हैं या जो पहले से यहां काम कर रहे हैं, उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी लेकिन नये ठेका मजदूर को यहां काम करने के लिए स्वयं की जिम्मेवारी पर आना होगा।
इंटक ने पार्षद अशोक रुद्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
इंटक से संबंधित आसनसोल आयरन एंड स्टील वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष हरजीत सिंह ने कहा कि जो अन्य राज्यों के मजदूरों के लिए पार्षदों के द्वारा कहा गया है, यह भारत की एकता को ठेस पहुंचाने का काम किया गया है। सेल आईएसपी में शुरू से ही सभी राज्यों के लोग आकर काम करते रहे हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाते हुये कहा कि पार्षद का काम वार्ड के विकास को देखना है न कि ठेका कंपनी और सेल आईएसपी के काम में बाधा डालना। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर श्रमिक मुद्दे पर ही बात करनी है तो पार्षद को यूनियन में शामिल हो जाना चाहिए। वहीं ठेकेदार मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष विजय सिंह ने कहा कि बर्नपुर को मिनी भारत कहा जाता है, जहां सभी धर्म एवं जाति के लोग रहते है। अब जो पार्षद द्वारा यहां भाषा की राजनीति कर मजदूरों को परेशान किया जा रहा है, वह कहीं से उचित नहीं है।
भाजपा ने किया कटाक्ष
भाजपा राज्य कार्यकारिणी सदस्य पवन कुमार सिंह ने पार्षद अशोक रुद्र पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्षद के पास कोई काम नहीं है, इसलिए सेल आईएसपी के काम में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार निवासी और इस्पात मंत्री रामविलास पासवान का आईएसपी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। अगर उन्हें नहीं पता तो उन्हें जानने का पूरा अधिकार है। साथ ही अशोक रुद्र पर बर्नपुर के लोगों के बीच व्याप्त एकता को तड़ने की साजिश रचने के कारण प्रशासनिक कार्रवाई करे।
पार्षद अशोक रुद्र ने कहा
पार्षद अशोक रूद्र ने कहा कि वे बर्नपुर बेरोजगार युवा मंच के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं और उनकी एक ही मांग है कि स्थानीय लोगों को नौकरी दी जाये। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य एवं धर्म को लेकर उन्होंने कोई विभेदात्मक बात नहीं कही है। उन्होंने सिर्फ कहा कि दूसरे राज्यों से मजूदरों को लेना बंद किया जाये।
प्रांतीयता का भेदभाव फैलाने पर चौतरफा घिरे पार्षद अशोक रुद्र, इस्तीफे की होने लगी मांग
आसनसोल नगर निगम के वार्ड 78 के पार्षद अशोक रुद्र द्वारा बर्नपुर आईएसपी के ठेका श्रमिकों को धमकाने का मामला गरमाता जा रहा है। प्रांतीयता का भेदभाव फैलाने पर वे चौतरफा घिर गये हैं। एक ओर जहां भाजपा ने इस मुद्दे को केंद्र कर मोर्चा खोल दिया है, वहीं अब आईएनटीटीयूसी ने भी विरोध के सुर बुलंद कर दिए हैं। यहां तक कि अशोक रुद्र को पार्टी से हटाए जाने की मांग भी शुरू हो गई है। इस मुद्दे पर आईएनटीटीयूसी के आसनसोल नॉर्थ ब्लॉक एक के अध्यक्ष राजू अहलूवालिया ने पार्षद को पार्षद का कार्य करने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि पार्षद के इस व्यवहार से शिल्पांचल का भाईचारा खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि पार्षद अशोक रुद्र को पार्टी से निकाल दिया जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर अब अन्य श्रमिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर मुखर हो पार्षद के खिलाफ मोर्चाबंदी प्रारंभ कर दी है, जबकि आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पॉल ने इसे आईएसपी में आ रहे निवेश को बाधित करने का साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा है कि सेल आईएसपी को सिंगूर नहीं बनने देंगी। हालांकि पार्षद अशोक रुद्र का कहना है कि उन्होंने कोई प्रांतीयता फैलाने के उद्देश्य से कुछ नहीं कहा है, बल्कि वे स्थानीय बेरोजगार युवाओं को ठेका कार्य में वरीयता देने के मुद्दे पर आवाज उठा रहे थे।