संजय, सन्मार्ग संवाददाता
बर्दवान : तृणमूल संचालित एक कोऑपरेटिव सोसाइटी में कर्मचारियों की भर्ती में अनियमितता और वित्तीय भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भाजपा ने कार्यालय पर ताला लगा दिया। इस घटना से मंगलकोट के भाल्याग्राम ग्राम पंचायत स्थित पिंडिरा कोऑपरेटिव सोसाइटी में हड़कंप मच गया। स्थानीय भाजपा नेतृत्व का आरोप है कि पिंडिरा सहकारिता समिति में काफी समय से विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं और वित्तीय भ्रष्टाचार होता आ रहा है। उनका दावा है कि 2020 में तृणमूल के एक करीबी व्यक्ति को अस्थायी कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया गया था, जिसे 2026 में स्थायी कर दिया गया। भाजपा का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर उस व्यक्ति को नौकरी दी गई है। इस आरोप को लेकर भाजपा ने पहले भी सहकारिता समिति में जाकर प्रदर्शन किया था। साथ ही, भाजपा का यह भी दावा है कि सहकारिता के संचालन के लिए एक स्थानीय समिति गठित करने की पहल की गई थी। हालांकि, भाजपा का ही आरोप है कि उस समिति के खिलाफ भी बाद में कई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगे। इसके बाद बुधवार की सुबह स्थानीय भाजपा नेतृत्व, पार्टी कार्यकर्ताओं और कुछ स्थानीय किसानों ने सहकारिता समिति के कार्यालय पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन किया और बाद में कार्यालय पर ताला जड़ दिया। भाजपा का यह भी आरोप है कि केवल तृणमूल के शासनकाल में ही नहीं, बल्कि इससे पहले वाममोर्चा (लेफ्ट) के शासनकाल में भी इस सहकारिता समिति में वित्तीय गड़बड़ियां हुई थीं। उन्होंने अतीत के सभी वित्तीय लेन-देन और अनियमितताओं के हिसाब-किताब की मांग की है। भाजपा की मांग है कि पिंडिरा सहकारिता समिति में नए सिरे से समिति का गठन किया जाए। भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि जब तक नई समिति का गठन नहीं हो जाता, तब तक कार्यालय का ताला नहीं खोला जाएगा। हालांकि, सहकारिता समिति प्रशासन ने भाजपा के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। समिति के सहायक प्रबंधक (असिस्टेंट मैनेजर) का दावा है कि जिस कर्मचारी की नियुक्ति पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह नियुक्ति प्रस्ताव (रेज़ोल्यूशन) पारित करके नियमों के तहत की गई है और इसमें किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है।