घोषणा पत्र दिखाते सीटू पदाधिकारी  
आसनसोल

ISP कारखाने को लेकर CITU ने किया बड़ा दावा

कारखाने को बचाने में सीटू का है योगदान

Suraj Choudhary

सूरज, सन्मार्ग संवाददाता

बर्नपुर : सेल आईएसपी में 24 सितंबर को होने वाले यूनियन मान्यता चुनाव को लेकर एबीके मेटल एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन (CITU) ने अपना रुख स्पष्ट किया है। गुरुवार को पुराना हाट स्थित सीटू कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एबीके मेटल एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन के महासचिव सोरेन चटर्जी और स्टील वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव ललित मोहन मिश्रा ने कहा कि सीटू ने कभी चुनाव का विरोध नहीं किया। सोरेन चटर्जी ने कहा कि सीटू की मांग सिर्फ इतनी थी कि सभी यूनियनों को चुनाव की तैयारी के लिए समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि 1980 से 2006 तक इस्को को बचाने के आंदोलन में सीटू की अहम भूमिका रही है, जिसके बाद ही इस्को सेल आईएसपी के रूप में विकसित हुआ। वहीं ललित मोहन मिश्रा ने कहा कि सीटू 1970 से ही फैक्ट्रियों में लोकतांत्रिक तरीके से यूनियन चुनाव की मांग करती रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव से बड़ा मुद्दा कारखाने को मजबूत रखना, 39 महीने के बकाया वेतन, बोनस, एनजेसीएस, ठेका श्रमिकों की समस्याएं, अस्पताल और टाउनशिप की सुविधाएं हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 में मजदूरों की एकजुटता से 40,500 रुपये बोनस हासिल हुआ था। इस मौके पर एबीके मेटल एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष पार्थ मुखर्जी, उपाध्यक्ष सत्य नारायण चटर्जी, पुलक चक्रवर्ती, ज्वाइंट सेक्रेटरी प्रतीक गुप्ता, राजीव रंजन कुमार मौजूद थे।

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