अंडाल : जबरन वसूली, मारपीट और डराने-धमकाने के एक मामले में अंडाल थाना की पुलिस ने छोरा ग्राम पंचायत के प्रधान सह इलाके के कद्दावर तृणमूल कांग्रेस नेता रामचरित पासवान को सोमवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी परासकोल निवासी राजीव कुमार यादव द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर हुई है।
क्या है पूरा मामला ?
पीड़ित का आरोप है कि मई 2021 में विधानसभा चुनाव का परिणाम आने और सरकार बनने के बाद कुछ रसूखदार लोगों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और तोड़फोड़ की। इस हमले के डर से पीड़ित परिवार अपना घर छोड़कर भागने पर मजबूर हो गया था। करीब 6-7 महीने बाद, दिसंबर 2021 में जब परिवार वापस लौटा तो अभियुक्तों ने उनसे इलाके में रहने के बदले एक लाख रुपये की मांग की। वहीं जान से मारने की धमकी मिलने के कारण पीड़ित ने डर के मारे पैसे दे दिए। वर्ष 2021 विधानसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद से लेकर बीते 3 मई तक वह और उनका परिवार धमकी-डर के साये में रह रहा था। पीड़ित ने अपनी शिकायत में मुख्य रूप से पांच लोगों बीरबहादुर सिंह, रामचरित पासवान, राम जीवन लोहार, बचन तुरी, राज पल्टन और उनके कुछ अन्य साथियों को नामजद किया है। गौरतलब है कि इस मामले में रामजीवन की गिरफ्तारी हो चुकी है।
'सत्ता परिवर्तन' के बाद मिली शिकायत करने की हिम्मत
पीड़ित ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि अभियुक्तों के डर एवं धमकी से वे अब तक चुप बैठे थे लेकिन राज्य में हाल में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद, परिवार ने हिम्मत जुटाई और कानून का दरवाजा खटखटाया। इधर पुलिस मामले की गहन जांच करने के साथ-साथ बाकी के अभियुक्तों की तलाश में जुटी है।