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झांझरा 3/4 इंक्लाइन में जल्द शुरू होगा 'चेयर लिफ्ट मैन राइडिंग सिस्टम'

इंस्टालेशन का काम युद्धस्तर पर जारी

अंडाल : देश की सर्वश्रेष्ठ भूमिगत कोयला खदानों में शुमार ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की झांझरा प्रोजेक्ट में कामगारों का सफर अब आसान और सुरक्षित होने जा रहा है। झांझरा 3/4 इंक्लाइन में 'चेयर लिफ्ट मैन राइडिंग सिस्टम' लगाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रबंधन के मुताबिक, आगामी सितंबर महीने तक यह प्रणाली पूरी तरह से चालू कर दी जाएगी।

ढाई किमी का थकाऊ पैदल सफर मिनटों में होगा तय

वर्तमान में खदान के भीतर वर्किंग साइट तक पहुंचने के लिए कर्मियों को लगभग ढाई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। चेयर लिफ्ट शुरू होने से यह दूरी मिनटों में तय हो जाएगी। यह सिस्टम एंडलेस हॉलेज तकनीक पर आधारित है, जो इलेक्ट्रो-हाइड्रॉलिक पावर यूनिट से संचालित होगा। इंस्टॉलेशन की जिम्मेदारी एक विशेषज्ञ कंपनी को सौंपी गई है। ECLकी श्यामसुंदरपुर, परासिया समेत 9 कोलियरियों में यह तकनीक पहले से कार्यरत है। अब झांझरा भी इस सूची में शामिल हो जाएगा। जानकारी के अनुसार झांझरा 3/4 इंक्लाइन में 450 विभागीय और 200 संविदा कर्मी कार्यरत हैं। इस खदान में 2 लो हाइट कंटीनुअस माइनर (LHCM) मशीनों से रोजाना औसतन 2,000 टन कोयले का उत्पादन होता है। गौरतलब है कि झांझरा प्रोजेक्ट के MIC में कोयला कामगारों को सरफेस से खदान के वर्किंग फेस तक आवाजाही के लिए मैन राइडर कार का उपयोग वर्षों से किया जा रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी

झांझरा क्षेत्र के महाप्रबंधक प्रबीर कुमार मंडल ने कहा, "कोयला खदानों के ऊंचे-नीचे और कठिन रास्तों पर पैदल चलना श्रमिकों के लिए हमेशा से थकाऊ रहा है। नई चेयर लिफ्ट प्रणाली से कर्मचारियों की थकान और नीरसता दूर होगी। इससे न केवल उनकी सेहत और सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि खदान के भीतर मैनपावर का उपयोग भी ज्यादा कुशलता से किया जा सकेगा।"

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