अंडाल : उखड़ा बाजपेयी मोड़ स्थित मिनी बस एसोसिएशन कार्यालय पर कथित कब्जे के विरोध में रविवार को बस कर्मियों ने मोर्चा खोल दिया। कर्मी ने बस सेवा पूरी तरह ठप कर हड्रताल पर चले गए। इस कारण क्षेत्र में मिनी बसों का परिचालन पूरी तरह बंद रहा, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि उखड़ा से विभिन्न रूटों की करीब 40 मिनी बसें चलती हैं। वहीं बस कर्मियों के इस आंदोलन से भाजपा की अंदरूनी कलह को सतह पर ला दिया है। बस कर्मियों में नरेश बाउरी और प्रदीप महतो ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, "बाजपेयी मोड़ पर पिछले लगभग 50 वर्षों से मिनी बस कर्मियों का यूनियन कार्यालय था। मतगणना के दिन भाजपा समर्थकों ने इस पर जबरन कब्जा कर लिया।' उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेताओं से बार-बार अनुरोध करने के बाद भी कार्यालय वापस नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें हड़ताल जैसा कदम उठाना पड़ा।
'स्वेच्छा से सौंपी गई थी चाबी'
भाजपा के रानीगंज विधानसभा मंडल-3 के अध्यक्ष इंद्रसेन राय ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा, "पहले इस बस यूनियन के नेता तृणमूल के राजू मुखर्जी थे। चुनाव में हार के बाद उन्होंने खुद स्वेच्छा से हमें कार्यालय की चाबी सौंपी थी।" भूमि विवाद पर बोलते हुए उन्होंने दावा किया, "जिस जमीन पर यह कार्यालय बना है, वह हमारी पार्टी के ही एक नेता की है। उन्होंने अब यह जमीन पार्टी के जिला अध्यक्ष के नाम पर दान कर दी है। इसलिए कब्जे की शिकायत में कोई दम नहीं है।" उन्होंने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर बस कर्मियों को उकसाने का आरोप लगाया।
'भाजपा में TMC संस्कृति बर्दाश्त नहीं'
भाजपा राज्य कमेटी के सदस्य श्रीदीप चक्रवर्ती ने अपनी ही पार्टी के स्थानीय नेतृत्व को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा, "जिस जगह पर आज भाजपा कार्यालय है, वह वर्षों से मिनी बस यूनियन का ही दफ्तर था। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी कार्यालय पर जबरन कब्जा नहीं किया जाना चाहिए। मैंने इस पूरे मामले की जानकारी केंद्रीय नेतृत्व को दे दी है। इस जमीन के मालिकाना हक की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"