आपस में उलझे दोनों गुट के कार्यकर्ता  
आसनसोल

बोनस विवाद में दो गुटों में भिड़ंत पांच घायल

इस घटना में 5 लोग घायल हुए हैं

Gopal Kumar Singh

जितेन्द्र, सन्मार्ग संवाददाता

सालानपुर : सालानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत देंदुआ स्थित एलोक्वेंट फैक्ट्री के गेट पर बोनस भुगतान को लेकर दो गुटों के बीच कहासुनी होते होते मारपीट में बदल गया। मजदूरों की बोनस की मांग से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दो गुटों के बीच हुई मारपीट में बीएमएस संयोजक प्रशांत विश्वास और मजदूर नेता अमरनाथ महतो समेत पांच लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मजदूरों रूपेश दास और भोला दास को हिरासत में लिया है।

बोनस की मांग को लेकर फैक्ट्री गेट पर प्रदर्शन

स्थानीय सूत्रों के अनुसार मजदूर नेता अमरनाथ महतो के नेतृत्व में कुछ श्रमिक एलोक्वेंट फैक्ट्री के गेट के सामने एकत्र हुए और बोनस भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी मजदूरों की मांग थी कि सभी श्रमिकों को निर्धारित समय के भीतर बोनस का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। मजदूरों का प्रदर्शन चल ही रहा था कि इसी दौरान बीएमएस संयोजक प्रशांत विश्वास अपने समर्थकों के साथ फैक्ट्री गेट पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बोनस भुगतान के मुद्दे और मजदूरों के नेतृत्व को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी, जिसने कुछ ही देर में हिंसक रूप ले लिया।

पांच लोग घायल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। अचानक हुई इस झड़प से फैक्ट्री गेट पर अफरातफरी मच गई। घटना में बीएमएस संयोजक प्रशांत विश्वास, मजदूर नेता अमरनाथ महतो समेत कुल पांच लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सालानपुर थाना अंतर्गत कल्याणेश्वरी फाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को इलाज के लिए स्थानीय पिठाकियारी अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने घटना के सिलसिले में रूपेश दास और भोला दास को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, झड़प की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर जांच जारी है। वहीं बोनस भुगतान जैसे श्रमिकों से जुड़े मुद्दे पर फैक्ट्री गेट के सामने हुई हिंसक झड़प के बाद देंदुआ और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। घटना ने फैक्ट्री परिसर में श्रमिकों के बीच आपसी मतभेद और बोनस भुगतान को लेकर उठ रहे सवालों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

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