दुर्गापुर : पश्चिम बंगाल में निजी ट्रांसपोर्ट ऐप कंपनियों और बाइकरों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। ऐप आधारित निजी परिवहन कंपनियों की मनमानी, कम किराए और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के खिलाफ विरोध जताते हुए बाइकरों ने हड़ताल का रास्ता अख्तियार किया है। वहीं मंगलवार से शुरू हुई इस हड़ताल के कारण बुधवार को दुर्गापुर के सिटी सेंटर बस स्टैंड इलाके स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई, जहां बड़ी संख्या में बाइक चालकों ने जमा होकर निजी कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। आंदोलनकारी चालकों ने आरोप लगाया कि कंपनियां उनसे भारी कमीशन वसूल रही हैं, जबकि तय किया गया किराया ढांचा बेहद कम है। प्रदर्शन में शामिल एक बाइकर रक्तिम चटर्जी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे सारा दिन सड़कों पर जोखिम लेकर काम करते हैं, लेकिन अंत में उनके हाथ इतनी कम रकम आती है। उससे परिवार का भरण-पोषण करना लगभग असंभव हो गया है। चालकों का कहना है कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और रखरखाव के खर्च के बीच निजी कंपनियों की शर्तें उनके शोषण का जरिया बन गई हैं। निजी कंपनियों के साथ चल रहे इस गतिरोध के बीच अब बाइक सवारों और बाइकरों के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘यात्री साथी’ ऐप एक बड़े सहारे के रूप में उभरा है। हड़ताल पर बैठे अधिकांश चालकों का कहना है कि अब वे सरकारी ऐप 'यात्री साथी' पर ही भरोसा जता रहे हैं। इस ऐप के माध्यम से उन्हें न केवल बुकिंग मिल रही है, बल्कि राज्य सरकार की देखरेख में होने के कारण इसमें पारदर्शिता भी अधिक है। बाइकरों के अनुसार निजी ऐप की तुलना में यहां कमीशन बहुत कम है, जिससे उनकी आय में सुधार की उम्मीद है। फिलहाल निजी ट्रांसपोर्ट ऐप की सेवाएं बाधित होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है, लेकिन बाइक चालकों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं उनका विरोध जारी रहेगा।