कार्यक्रम में मौजूद मंत्री, डीएम,एसपी व अन्य अधिकारी  
आसनसोल

आदिवासी विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर और उच्च प्रशासनिक अधिकारी बनाने की पहल!

मंत्री खुदीराम टुडू ने दक्षिण बंगाल में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की

Sanjay Singh

संजय सन्मार्ग संवाददाता बांकुड़ा: राज्य सरकार ने आदिवासी समुदाय के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़कर डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक पदों पर स्थापित करने के लिए एक बड़ी पहल की है।अभियान के तहत अब दक्षिण बंगाल में भी आदिवासी विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई है।

विष्णुपुर महकमा पुस्तकालय में आयोजित 'मादल से अंतरिक्ष' एक विशेष सेमिनार में हिस्सा लेते हुए राज्य के मंत्री खुदीराम टुडू ने यह ऐलान किया। उन्होंने बताया कि ट्राइबल विभाग की पहल पर उत्तर बंगाल में इस तरह का केंद्र पहले ही शुरू किया जा चुका है। अब दक्षिण बंगाल में भी ऐसा केंद्र खोले जाने से ग्रामीण इलाकों के आदिवासी युवाओं को मेडिकल, इंजीनियरिंग और प्रशासनिक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतरीन मंच मिल सकेगा।

बांकुड़ा जिले में आदिवासी समुदाय की बड़ी आबादी निवास करती है। युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बांकुड़ा के जिलाधिकारी अनीश दासगुप्ता, पुलिस अधीक्षक पी.वी.जी. सतीश, महकमा शासक पाटिल विनय सुनील और विधायक शुक्ला चट्टोपाध्याय सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। विष्णुपुर और सोनामुखी समेत विभिन्न ब्लॉकों से बड़ी संख्या में पहुंचे आदिवासी युवक-युवतियों ने इसमें हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वे लोग रहे, जो आदिवासी समाज से आकर आज प्रतिष्ठित पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें मंच पर आमंत्रित किया गया ताकि उनकी सफलता की कहानियां सुनकर युवा पीढ़ी प्रेरित हो सके।

मंत्री खुदीराम टुडू ने कहा कि मादल हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है। अपनी संस्कृति की रक्षा करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को शिक्षा के जरिए समाज के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचाना हमारा मुख्य लक्ष्य है।

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