बांकुड़ा: गुजरात से सैकड़ों किलोमीटर दूर बांकुड़ा शहर में इस बार भी नवरात्रि का अनूठा रंग देखने को मिल रहा है। शहर के लालबाजार इलाके में आयोजित नवरात्र उत्सव के दौरान पूरा माहौल गुजरात के पारंपरिक उल्लास में रंगा नजर आ रहा है। ‘श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज’ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में रास, गरबा और डांडिया की थाप पर बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक झूमते दिखाई दिए।
इतिहास के पन्नों को पलटें तो वर्ष 1952 में लकड़ी के कारोबार के सिलसिले में गुजरात के कच्छ से कुछ परिवार बांकुड़ा आकर बसे थे। वर्तमान में जिले में लगभग 70 गुजराती परिवार निवास करते हैं। अपनी जड़ों और समृद्ध संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़े रखने के लिए ये परिवार प्रतिवर्ष लालबाजार में एकजुट होकर यह पर्व मनाते हैं। नवरात्रि के बाद विजयादशमी के दिन सभी मां दुर्गा के दर्शन के लिए निकलते हैं, जो सांस्कृतिक सौहार्द की एक सुंदर मिसाल पेश करता है।