सभा को संबोधित करते मंत्री  
आसनसोल

'हवाई चप्पल' की वापसी का भ्रम छोड़ें अफसर'

मंत्री दिवाकर घरामी ने कहा- कुछ अधिकारी सरकार की नहीं सुन रहे,उनपर पैनी नजर

Sanjay Singh

बांकुड़ा: प्रशासनिक मशीनरी में बैठे अधिकारियों के एक वर्ग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए राज्य के वन, पर्यावरण एवं सहकारिता राज्य मंत्री दिवाकर घारामी ने खुली चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट लफ्जों में कहा कि प्रशासन में अभी भी कुछ ऐसे अधिकारी मौजूद हैं जो सरकार के निर्देशों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। वे इस गलतफहमी में हैं कि 'हवाई चप्पल' फिर से लौटेगी, लेकिन वे चाहे जितना इंतजार कर लें, अब उसकी वापसी किसी सूरत में नहीं होने वाली।

बांकुड़ा के सोनामूखी में 'अन्नपूर्णा योजना' को लेकर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताने के लिए भाजपा की ओर से आयोजित एक विशाल रैली और जनसभा में मंत्री घारामी बोल रहे थे। मंच से उन्होंने न केवल बेलगाम अफसरों को आड़े हाथों लिया, बल्कि विपक्षी दलों तृणमूल कांग्रेस और माकपा पर भी तीखा प्रहार किया।

मंत्री ने अपने बयान की वजह साफ करते हुए कहा कि हाल ही में ऐसी गतिविधियां सामने आई हैं जहां कुछ प्रशासनिक अधिकारी माकपा की सभाओं में शरीक होकर सोशल मीडिया पर लाइव कर रहे हैं, जबकि कुछ अफसर वहां भीड़ जुटाने में लगे हैं। उन्होंने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा, "ऐसे सभी लोगों पर सरकार की पैनी नजर है। या तो आप सरकारी अधिकारी के रूप में ईमानदारी से जनता की सेवा करें, या फिर पद से इस्तीफा देकर सीधे राजनीति के मैदान में उतरें।"

'तृणमूल की जड़ सड़ चुकी, भविष्य में सोशल मीडिया पर खोजना पड़ेगा'

विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए मंत्री दिवाकर घारामी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस का केवल 'जोड़ा फूल' ही नहीं, बल्कि उसकी पूरी जड़ सड़ चुकी है। यह पार्टी अब इतिहास बन चुकी है और आने वाले दिनों में लोगों को सोशल मीडिया पर तलाशना पड़ेगा कि तृणमूल नाम का भी कभी कोई दल हुआ करता था। वहीं, जनसभा को संबोधित करते हुए विष्णुपुर के सांसद सौमित्र खां ने भी माकपा के शीर्ष नेताओं की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए उनकी राजनीति की कड़े शब्दों में आलोचना की।

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