माना चर टापू पर मार्च करती पुलिस 
आसनसोल

दामोदर नदी के 'मानाचर' टापू पर ड्रग्स माफियाओं का साम्राज्य ढहाने की तैयारी

DIG ने संभाला मोर्चा

Sanjay Singh

संजय सन्मार्ग संवाददाता बांकुड़ा: जिले के मेजिया और बड़ाजोड़ा ब्लॉक के बीच दामोदर नदी की गोद में बसा 'मानाचर' टापू बीते कुछ वर्षों से अपराधियों और ड्रग्स माफियाओं का सुरक्षित ठिकाना रहा है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही इस दुर्गम इलाके में अवैध पोस्ता (अफीम) की खेती का काला कारोबार तेजी से पैर पसार लेता है। हालांकि, इस बार प्रशासन इस अवैध साम्राज्य को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह कमर कस चुका है। मामले की गंभीरता को भांपते हुए बांकुड़ा रेंज के डीआईजी (DIG) अभिषेक मोदी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। शनिवार को भारी पुलिस बल और आबकारी (एक्साइज) विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उन्होंने इस दुर्गम इलाके का औचक और तूफानी दौरा किया।

जंगलों के भीतर मिला सैकड़ों बीघा में अवैध खेती का जाल

निरीक्षण के दौरान डीआईजी अभिषेक मोदी ने भारी पुलिस बल के साथ मानाचर के बीहड़ जंगलों के भीतर तक पैदल रूट मार्च किया। इस दौरान टीम को जंगलों के अंदर सैकड़ों बीघा जमीन अवैध पोस्ता की खेती के लिए पहले से ही तैयार मिली, जिससे साफ जाहिर होता है कि तस्करों के मंसूबे कितने खतरनाक हैं और वे किस स्तर पर अपने नेटवर्क को फैला रहे थे।

DIG की दो-टूक चेतावनी: "कानून से ऊपर कोई नहीं"

मीडिया से मुखातिब होते हुए DIG अभिषेक मोदी ने दो-टूक चेतावनी दी, "यदि इस बार किसी ने भी अवैध पोस्ता की खेती करने की हिमाकत की, तो उनके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून से ऊपर कोई नहीं है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर इस आपराधिक नेटवर्क को तहस-नहस करने के लिए केंद्रीय बलों (CRPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की मदद भी ली जाएगी।

प्रशासन की इस आक्रामक रणनीति से माफियाओं में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस की यह सख्ती इस दुर्गम टापू पर पनप रहे ड्रग्स के नेटवर्क को हमेशा के लिए उखाड़ फेंकने में कामयाब होती है या नहीं, लेकिन इतना तय है कि प्रशासन इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में है।

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