बांकुड़ा: दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में दर्शनार्थियों की उमड़ी भारी भीड़ का फायदा उठाकर श्रद्धालुओं के कीमती सामान पर हाथ साफ करने वाले एक बड़े गिरोह का बांकुड़ा सदर थाना की पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शहर के गोविंदनगर बस स्टैंड स्थित एक निजी लॉज में छापेमारी कर गिरोह के 13 सदस्यों, जिनमें अधिकांश महिलाएं है को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्तों को गुरुवार को बांकुड़ा जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने सभी को 4 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया।
दुर्गापूजा से पहले लॉज में बनाया था ठिकाना
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने दुर्गापूजा शुरू होने से पहले ही शहर में सुनियोजित तरीके से डेरा डाल दिया था। गिरोह के सभी सदस्य बाहरी जिलों व अन्य क्षेत्रों से आकर यहां ठहरे थे। गिरोह में शामिल दो महिलाओं की उम्र करीब 60 वर्ष है, ताकि किसी को उन पर शक न हो। यह गिरोह शहर के प्रमुख और बड़े पूजा पंडालों में अलग-अलग टोलियों में बंट जाता था और भीड़ के बीच धक्का-मुक्की का फायदा उठाकर श्रद्धालुओं के सोने के आभूषण, मोबाइल फोन और घड़ियां गायब कर देता था।
दो शिकायतों के बाद हरकत में आई पुलिस
पूजा के दौरान 'नतूनचटी सर्वजनीन' और 'मध्य केंदुआडिही सर्वजनीन' पंडालों में दर्शन के लिए गईं दो महिलाओं ने बांकुड़ा सदर थाने में अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ितों ने बताया कि भीड़ के दौरान उनके गले से सोने की चेन पार कर दी गई। मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों व खुफिया तंत्र की मदद से जांच शुरू की। सुराग मिलते ही पुलिस टीम ने लॉज पर दबिश दी और 13 शातिरों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान चोरी की गईं दोनों सोने की चेन भी बरामद कर ली गईं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह को स्थानीय स्तर पर किसने संरक्षण दिया था या नहीं।