कुल्टी : आत्मदिशा सोशल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से कुल्टी न्यू रोड में धार्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पुरुलिया के बागदा मठ के स्वामी भक्तिप्रिया नंद सहित कई विद्धानों ने भाग लिया। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुये स्वामी भक्तिप्रिया नंद महाराज ने कहा कि सेवा ही सच्ची उपासना है। सेवा के बिना भक्ति अधूरी है। उन्होंने कहा कि सेवा के माध्यम से ही भक्त भगवान की प्राप्ति कर सकता है। किसी भी जीव को हानि नही पहुंचाना चाहिये कारण प्रत्येक जीव में आत्मा विराजमान है। मानव को निःस्वार्थ सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। इस युग में मानव सेवा, गौ सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने इस शिविर में शामिल लोगों को सनातन धर्म के प्रति विस्तार से जानकारी दी। आयोजक मंडली के सदस्यों ने बताया कि कुल्टी में आयोजित धार्मिक सम्मेलन में आसनसोल, दुर्गापुर एवं पुरुलिया सहित विभिन्न स्थानों से संतों ने अपना विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुल्टी के विभिन्न इलाकों से काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया।