मुर्शिदाबाद : बगल के खेत में सूखी झाड़ियों को जलाया जा रहा था, जिसकी चिन्गारी उड़कर आसपास के खेतों में लगी गेहूं के खेत में पहुंचने से 7-8 बीघा फसल जलकर राख हो गई। खबर मिलते ही फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से कुछ देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग लगने की घटना में पांच किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। एक दमकल कर्मी ने बताया कि कई लोग फसल काटने के बाद पराली (बिचाली) और सूखे घास-फूस जलाते हैं। ऐसे में वे यह ख्याल नहीं रखते कि आग पड़ोस की जमीन में तो कहीं नहीं पहुंच रही है। इसी लापरवाही की वजह से आग फैलती है और भयानक आग लग जाती है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। शंकर सरदार ने डेढ़ बीघा जमीन में गेहूं लगाया था। आग लगने की खबर मिलते ही वह खेत की तरफ दौड़े, लेकिन उनके वहां पहुंचने से पहले ही डेढ़ बीघा जमीन में पका हुआ गेहूं जलकर काली राख बन चुका था। शंकर ने बताया, पड़ोस के खेत में घास-फूस में आग लग गई थी। उसकी जमीन बगल में है। किसी तरह आग उसकी जमीन और पड़ोस की जमीन में फैल गई। अब काली राख के अलावा वहां कुछ नहीं बचा है। एक और प्रभावित किसान, मनोवर हुसैन का भी 22 कट्ठा गेहूं जल गया। मनोवर ने कहा, "खबर सुनते ही मैं मौके पर पहुंचा। मेरी आंखों के सामने सब कुछ जलकर राख हो गया था। कुल नुकसान कई लाख रुपये का हुआ है।"